भारत और सिंगापुर ने अपने रणनीतिक और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग का आयोजन किया। यह बैठक 28 मई 2026 को सिंगापुर में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सिंगापुर के स्थायी रक्षा सचिव जोसेफ लियॉन्ग ने संयुक्त रूप से की।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और भविष्य में इसे और व्यापक बनाने पर सहमति जताई। बातचीत में सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक सहयोग बढ़ाने और नई साझेदारियों को विकसित करने पर भी जोर दिया।
भारत और सिंगापुर ने साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, समुद्री सुरक्षा, मानव रहित प्रणालियों (ड्रोन और अन्य तकनीकें) और आधुनिक रक्षा तकनीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष फोकस किया। दोनों देशों ने माना कि बदलते सुरक्षा हालात में तकनीक आधारित सहयोग बेहद जरूरी है।
बैठक में दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक खुले, समावेशी और नियम-आधारित सुरक्षा ढांचे के समर्थन की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही ASEAN और ADMM-Plus जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि नियमित उच्चस्तरीय संवाद और संस्थागत सहयोग भारत-सिंगापुर रक्षा संबंधों को नई मजबूती देंगे। आने वाले वर्षों में सहयोग को और विस्तार देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
बैठक के दौरान भारतीय रक्षा सचिव ने सिंगापुर आर्म्ड फोर्सेज की डिजिटल और इंटेलिजेंस सेवा के डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर का भी दौरा किया। इस दौरे में उन्हें सिंगापुर की आधुनिक तकनीकी और डिजिटल क्षमताओं की जानकारी मिली, जिससे भविष्य में सहयोग के नए अवसरों की संभावनाएं मजबूत हुईं।

