इनपुट- अंशुमान दुबे, लखनऊ
मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत ने आज चिनहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई की स्थिति का गहन जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्टाफ की उपस्थिति तथा आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ने ओपीडी, आईपीडी, प्रसूति वार्ड, पैथोलॉजी, दवा वितरण केंद्र तथा टीकाकरण कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर उपचार की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता एवं व्यवहार से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की। मण्डलायुक्त द्वारा स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए पाया गया कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत दयनीय है। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कूड़ा उठाने की व्यवस्था समय पर नहीं की गई थी, जिसके कारण सभी डस्टबिन कूड़े से भरे हुए मिले और परिसर के विभिन्न स्थानों पर गंदगी फैली हुई थी। इससे न केवल अस्पताल की समग्र व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ रहा था।
निरीक्षण के समय मात्र 02 सफाई कर्मी ही उपस्थित पाए गए, जो निर्धारित संख्या की तुलना में अत्यंत कम थे। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अधीक्षक डॉ0 ज्योति कामले द्वारा अवगत कराया गया कि सन फैसिलिटी एजेंसी के माध्यम से कुल 06 सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें से तीन-तीन कर्मियों को दो अलग-अलग शिफ्टों में कार्य करना निर्धारित है। इसके बावजूद मौके पर अपेक्षित संख्या में कर्मियों की अनुपस्थिति को मण्डलायुक्त ने गंभीर लापरवाही माना। इस पर मण्डलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छता व्यवस्था में तत्काल और प्रभावी सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थल पर साफ-सफाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि इससे मरीजों एवं उनके तीमारदारों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि ड्यूटी पर तैनात सभी सफाई कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा कार्य का सतत पर्यवेक्षण किया जाए।
इसके अतिरिक्त, मण्डलायुक्त ने बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को अत्यंत गंभीर विषय बताते हुए निर्देश दिया कि इसके प्रबंधन हेतु निर्धारित सभी मानकों एवं प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बायो-मेडिकल कचरे के अनुचित निस्तारण से संक्रमण फैलने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है, अतः इस दिशा में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। साथ ही, उन्होंने संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करने और आवश्यक होने पर कठोर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।
मण्डलायुक्त द्वारा निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति का विस्तृत रूप से परीक्षण किया गया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए, जबकि उनके अवकाश से संबंधित कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं था। इस प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए मण्डलायुक्त ने तत्काल संज्ञान लिया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अधीक्षक डॉ0 ज्योति कामले से इस संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त किया। मण्डलायुक्त ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार की लापरवाही कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधीक्षक को सख्त निर्देश दिए कि अस्पताल में सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यह भी निर्देशित किया गया कि उपस्थिति से संबंधित अभिलेखों का संधारण पारदर्शी एवं अद्यतन रखा जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।
निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त द्वारा प्रसूति सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ एवं उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक स्थिति में उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जाए तथा सभी पात्र लाभार्थियों तक जननी सुरक्षा योजना एवं अन्य मातृ-शिशु कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।
निरीक्षण के अंत में मण्डलायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निरंतर निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की जाएगी और जिन भी बिंदुओं पर कमियां पाई जाएंगी, उन्हें शीघ्र दूर कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हुए मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना सुनिश्चित करें।

