फोटो- सकरन क्षेत्र में कथित अवैध लकड़ी कटान से वन संपदा पर संकट _________________________________ • पुलिस व लकङ्कट्टो के आपसी गठजोड़ से 15 दिनो के भीतर कट गए सैकड़ों प्रतिबंधित पेड़ • ग्रामीणों ने जीमनेदारों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, जांच व कार्रवाई की उठी मांग _________________ सकरन/सीतापुर।
सकरन थाना क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों में बीते पंद्रह दिनों के दौरान बड़े पैमाने पर कथित अवैध लकड़ी कटान का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का दावा है कि इस अवधि में सैकड़ों आम, शीशम, जामुन और गूलर सहित अन्य मूल्यवान पेड़ों पर आरे चलाए गए। जिससे क्षेत्र की वन संपदा तेजी से समाप्त हो रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि यह अवैध कटान स्थानीय पुलिस व शातिर लकङ्कट्टो की मिली भगत से हो रहे हैं।
इतने व्यापक स्तर पर कटान होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। कारण जानने की कोशिस की जाए तो पुलिस का लकड़ी की कीमत का चालीस फीसदी कमीशन लकङ्कट्टो से वसूल किया जाना चर्चा मे है। क्षेत्रीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार सकरन, अदवारी, खजुरा, कल्ली, लखनियापुर, ऊंचगांव, ताजपुर सलौली, सुमरावां, सैदापुर और मनिकौड़ा सहित करीब दो दर्जन गांवों में लगातार पेड़ों की कटाई की जा रही है।
उनका कहना है कि कटान के बाद लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के जरिए खुलेआम क्षेत्र से बाहर भेजा जाता है। कुछ स्थानीय ठेकेदारों ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि कथित अवैध कटान के एवज में पुलिस और वन विभाग के कुछ लोगों तक कमीशन पहुंचने की चर्चा क्षेत्र में है। हालांकि इन आरोपों की न तो स्वतंत्र पुष्टि हो सकी है और न ही इनके समर्थन में कोई आधिकारिक साक्ष्य प्रस्तुत किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र की हरियाली और पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचेगी।
उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर कथित अवैध कटान के नेटवर्क का पर्दाफाश करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बॉक्स - 15 दिन में सैकड़ों पेड़ कटने का दावा ____________________________ ग्रामीणों का कहना है कि बीते पंद्रह दिनों के भीतर करीब दो दर्जन गांवों में सैकड़ों आम, शीशम, जामुन और गूलर के पेड़ों का कथित रूप से अवैध कटान किया गया है। लोगों ने पूरे मामले की भौतिक जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। बॉक्स - रात में कटान, सुबह तक गायब हो जाती लकड़ी ____________________________ स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकांश कटान रात के अंधेरे में किया जाता है और पुलिस की मिली भगत से सुबह होने से पहले लकड़ी वाहनों के जरिए अन्य स्थानों के लिए रवाना कर दी जाती है। ग्रामीणों ने ईमानदार पुलिस कर्मियों व वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने व जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

