इनपुट- अंशुमान दुबे, लखनऊ मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में 12 जुलाई (रविवार) को 35 करोड़ पौधरोपण होगा। 'हरियाली का यह उत्सव' जनसहभागिता से मनाया जाएगा।
वन मुख्यालय के पारिजात सभागार में वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने सोमवार को प्रदेश सरकार के मंत्रियों संग वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 की सफलता को लेकर बैठक की।
बैठक में मंत्री, कृषि, सूर्य प्रताप शाही, मंत्री, पशुधन, डॉ. धर्मपाल सिंह, मंत्री, उच्च शिक्षा, योगेंद्र उपाध्याय, मंत्री, पंचायती राज, ओमप्रकाश राजभर, मंत्री, उद्यान,दिनेश प्रताप सिंह, मंत्री, माध्यमिक शिक्षा, गुलाब देवी, राज्यमंत्री, वन,के0पी0 मलिक, मंत्री, बेसिक शिक्षा, संदीप सिंह भी मौजूद रहे।
वन मंत्री ने कहा कि 12 जुलाई को सभी 26 विभागों के सहयोग से पूरे प्रदेश में पौधरोपण महाभियान चलाया जाएगा। जनसहभागिता से रविवार को पूरे प्रदेश में एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। केंद्र-प्रदेश सरकार के विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्कूलों-कॉलेजों समेत व्यापक जनसहभागिता से उत्सव के रूप में महाभियान चलेगा। नोडल विभाग (वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन) सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधे लगाएगा, ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान 1.50 करोड़, पंचायती राज विभाग 1.22 करोड़ पौधे लगाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे भी 5.50 लाख पौधे लगेंगे। इस वर्ष समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन, कपि वन समेत अनेक नवीन वन स्थापित किए जाएंगे। अभियान का प्रमुख हिस्सा मिशन छाया, अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा, आम भंडारा भी होगा। मिशन छाया के तहत गर्मी से राहत देने के लिए सड़क किनारे व सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधे भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा 15 अगस्त को वंदे मातरम वाटिका, 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण व 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर 'एक पेड़ गुरु के नाम' भी लगाया जाएगा।
वन मंत्री ने कहा कि लगभग दो हजार नर्सरियों में 57.62 करोड़ से अधिक पौधे तैयार हैं। इन पौधों को भी अब वितरित किया जाएगा। कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश, सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि स्वस्थ पौधों की आपूर्ति सभी विभागों को ससमय कर दी जाए हर विभाग अपनी संरचनात्मक रणनीति व प्लान तैयार करें।
कृषि विश्वविद्यालय आदि में वृहद पौधारोपण के साथ सिंचाई व सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा एक्सप्रेसवे व नेशनल हाइवे की पटरियों पर वृक्षारोपण कर नियमित सिंचाई सुनिश्चित की जाए। कृषि वानिकी को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए मिलिया डुबिया, पॉपलर इत्यादि वितरित किये जाए।

