लालगंज मीरजापुर।
मिर्जापुर। लालगंज तहसील क्षेत्र में चकबंदी विभाग में रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। मझिगवां गांव के एक ग्रामीण से जमीन से संबंधित कार्य कराने के एवज में कथित तौर पर ₹5000 हजार रिश्वत मांगने के आरोप में चकबंदी लेखपाल दीपक मौर्य को विजिलेंस/एंटी करप्शन टीम द्वारा रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण अपने जमीन से जुड़े कार्य को लेकर चकबंदी विभाग के चक्कर लगा रहा था, इसी दौरान कथित रूप से उससे काम कराने के बदले ₹5000 हजार की मांग की गई। रिश्वत की मांग से परेशान ग्रामीण ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की, जिसके बाद शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने कार्रवाई की योजना तैयार की। इसके बाद टीम ने निर्धारित योजना के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी लेखपाल को कथित रूप से रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील परिसर और चकबंदी विभाग में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई।
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों में भी चर्चा तेज हो गई और सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन से जुड़े छोटे-बड़े कार्यों के लिए आम लोगों को अक्सर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और यदि काम के बदले पैसे मांगे जाने के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी तंत्र की भूमिका को सामने ला दिया है। बताया जा रहा है कि टीम द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है तथा पूरे प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों और शिकायत की भी जांच की जा रही है।
हालांकि गिरफ्तारी और रिश्वत की रकम बरामदगी के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी संबंधित जांच एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल चकबंदी लेखपाल की कथित गिरफ्तारी को लेकर लालगंज क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की निगाहें अब जांच की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

