सेमिनार को एड्रेस करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि "जैसा अन्न, वैसा मन" सिर्फ एक कहावत नहीं है, बल्कि हेल्दी ज़िंदगी का बेसिक मंत्र है। उन्होंने कहा कि जैसे साफ हवा और साफ पानी इंसान की सेहत के लिए ज़रूरी है, वैसे ही सेफ, पौष्टिक और क्वालिटी वाला खाना भी हेल्दी ज़िंदगी का एक ज़रूरी आधार है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के बनाए 'रंगला पंजाब' के सपने को पूरा करने के लिए, लोगों में हेल्दी खाने-पीने के बारे में जागरूकता पैदा करना समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है। इसी मकसद से राज्य सरकार की तरफ से लगातार ऐसे जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं।
हेल्थ मिनिस्टर ने कहा कि इस सेमिनार में एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, गुरु अंगद देव वेटेरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (GADVASU) के एक्सपर्ट्स और नेचुरल और ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसानों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं आपसी तालमेल से नई पीढ़ी को केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक खाने की अहमियत के बारे में जागरूक करेंगी। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसान केमिकल खाद और पेस्टीसाइड के इस्तेमाल से बचते हैं, जिससे हेल्दी और क्वालिटी वाला अनाज पैदा होता है।
डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से ज़्यादा से ज़्यादा नेचुरल और ऑर्गेनिक खाना अपनाने की अपील की और कहा कि एक हेल्दी समाज की नींव सुरक्षित खाने पर टिकी होती है। उन्होंने यह भी बताया कि हेल्थ डिपार्टमेंट रेगुलर तौर पर फूड बिजनेस ऑपरेटर्स और खाने का सामान बेचने वाले वेंडर्स की जांच करता है ताकि लोगों को क्वालिटी और सुरक्षित खाना मिल सके और किसी भी तरह की मिलावट या घटिया खाने को रोका जा सके।
इस मौके पर फूड सेफ्टी कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर नवरीत कौर सेखों, डीन सीओसीएस किरण बैंस, वीसीपीएयू डॉ. एसएस गोसल, वीसी गडवासू जेएस गिल, पिंगलवाड़ा से राजवीर सिंह, पीपीसीबी की चेयरपर्सन रीना गुप्ता, रवनीत कौर, एनजीओ मिस प्रगति, ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर गुरमीत सिंह, खेती विरासत मिशन के उमेंद्र दत्त, सरपंच कंसुआ हरप्रीत सिंह, फूड एंड बेवरेजेज के सीईओ हरेंद्र पाल सिंह लांबा, जिला हेल्थ ऑफिसर डॉ. गुरप्रीत कौर, सिविल सर्जन डॉ. शैली जेटली, अलग-अलग डिपार्टमेंट के ऑफिसर, एक्सपर्ट, किसान और दूसरे गणमान्य लोग मौजूद थे।

