बस्ती। बस्ती जिले में भीषण गर्मी और पानी की किल्लत के बीच सरयू नहर चार में पानी लंबे समय से सूखी नहरों और जलस्रोतों के कारण प्यास से बेहाल बेजुबान पशु-पक्षियों को अब पानी उपलब्ध हो सकेगा वहीं किसानों की सूखती फसलों को भी जीवनदान मिलने की उम्मीद जगी है जंगली जानवरों को अब पानी की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा ऐसे में जंगली सूअर और जंगली नीलगाय जैसे जानवरों के लिए पानी की सुविधा उपलब्ध हो गई है लेकिन कुछ नारे अभी भी सुखी चल रही है
रजवाहा की नहर जो भ दावल से गुजर रही है अभी तक सूखी हुई है छोटे-छोटेमाइनर पानी अगर छोड़ जाए और कुछ पानी सूखी हुई मनोरमा नदी में छोड़ जाए जिससे मनोरमा के आसपास रहने वाले जंगली जानवर पानी की तलाश में भटकना न पड़े मनोरमा नदी कहीं-कहीं हो गई है जिसका कारण है बरसों से सफाई न होना पानी दूषित होकर के रह गया है जिसको पीने से जानवर को मारने की आसान क्या है
छोटे मिनारो का पानी मनोरमा में छोड़ जाए जिससे वह नदी स्वच्छ और निर्मल हो जाए पानी आने से गन्ना किसानों को ज्यादा फायदा मिला है जिसमें किसने की सिंचाई में कोई बाधा नहीं आ सकती है ऐसे मौके पर छोटे मिनारो में भी पानी छोड़ा जाए इसके लिए जिला अधिकारी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बीच सुदामा से वार्ताहुई थी लेकिन अभी तक उसे पर पहल नहीं किया गया ग्रामीणों का मांग की छोटे महीना में पानी छोड़ा जाए तथा नदियों में भी पानी नहरों का गिराया जाए जिससे नदी पानी छोड़ा जाए।

