Tuesday, 07 May, 6.59 am स्वतंत्र प्रभात

शिक्षा
लोक नीति (Public Policy)भविष्य की पीढ़ी के लिए एक अत्याधिक आकर्षक आजीविका स्रोत के तौर पर ऊबर रहा है।

नई दिल्ली

यह न केवल इसलिए के इसमें आकर्षक नौकरी की संभावना है बल्कि लोक नीति पर काम करनेवाले पेशेवर लोगों की आवश्यकता -सरकारी ,ग़ैरसरकारी संगठनों के साथ -साथ बहुआयामी संस्थाओं और संगठनों को भी है।

लोक नीति (Public Policy)से सरोकार रखता हुआ आज का एक ज्वलंत मुद्दा है -पर्यावरण इसी उपलक्ष्य में ISPP(Indian School of Public Policy) ने " पर्यावरण नीति"-नई वाइन इन ओल्ड बॉटल्स पर एक वेबिनार (इंटरनेट कार्यशाला) आयोजित किया

जिसका संचालन प्रोo श्रीकांत गुप्ता (प्रो दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स /अनुबंध प्रोo ली कुवां यी स्कूल ऑफ़ पब्लिक पॉलिसी ,सिंगापुर ) द्वारा किया गया।।27 अप्रैल 2019 को पर्यावरण नीति पर कार्यशाला आयोजित की गई,जिसमें 30 सहभागियों ने हिस्सा लिया और पर्यावरण नीति पर विचार-विमर्श किया।

प्रोo गुप्ता ने कार्यशाला के आरम्भ भारत के सामने आने वाली वायु,जल ,मृदा तथा अन्य प्रकार की पर्यावरण चुनौतियों को संक्षेपित करके किया।अनुगामी क्रम में उन्होंने भारत के मौजूदा कानूनों एवं मानकों को रेखांकित किया। पर्यावरण के प्रति व्यापारिक एवं पर्यावरण अर्थशास्त्र तथा कई रोचक तथ्य प्रस्तुत किये ,जिनका दूरगामी दृष्टिकोण था।

कार्यशाला के समापन में प्रोo गुप्ता ने उल्लेख किया की "अब तक के न्यायिक आदेश और प्रशासनिक दृष्टिकोण वायु एवं जल प्रदूषण रोकने में नाकाम रहे हैं "।उन्होंने कहा अब हमें इसके लिए एक व्यापारिक दृष्टिकोण अपनाना होगा जिसमें प्रदूषण शुल्क एवं उत्सर्जन -विनमय व्यापार शामिल हो जैसा की विश्व के कई देशों में प्रचलित हैं।

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