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दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, शाहजाद भट्टी नेटवर्क के 6 गुर्गे गिरफ्तार

दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, शाहजाद भट्टी नेटवर्क के 6 गुर्गे गिरफ्तार

Taaza TV Hindi 4 days ago

पुलिस ने दिल्ली, उत्त प्रदेश और पंजाब से जुड़े छह आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तीन पेट्रोल बम, तीन अत्याधुनिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, दो कारें, एक चोरी की बाइक, मोबाइल फोन और पाकिस्तानी हैंडलरों से हुई बातचीत के डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी आतंकी शाहजाद भट्टी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इनमें एक मॉड्यूल दिल्ली में किसी महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठान या पुलिस स्थापना पर पेट्रोल बम से हमला करने की साजिश रच रहा था, जबकि दूसरा मॉड्यूल पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की तस्करी कर रहा था। पुलिस ने दिल्ली, उत्त प्रदेश और पंजाब से जुड़े छह आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तीन पेट्रोल बम, तीन अत्याधुनिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, दो कारें, एक चोरी की बाइक, मोबाइल फोन और पाकिस्तानी हैंडलरों से हुई बातचीत के डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं।

स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवाहा ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कार्रवाई स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज (एनडीआर) की टीम ने की। पूरी कार्रवाई डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी की निगरानी में एसीपी विवेक कुमार त्यागी तथा इंस्पेक्टर सुनील रजैन और इंस्पेक्टर धीरज की टीम ने अंजाम दी। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत स्पेशल सेल थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

जांच में सामने आया कि पहला मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैंडलर राना हुनैन के इशारे पर काम कर रहा था। राना हुनैन, शाहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी बताया गया है। पुलिस के मुताबिक मॉड्यूल का मकसद दिल्ली में किसी महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठान या पुलिस स्थापना की रेकी कर पेट्रोल बम से हमला करना था। स्पेशल सेल ने विजय घाट इलाके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से तीन पेट्रोल बम, 2,000 रुपये नकद, एक चोरी की मोटरसाइकिल और ऐसे मोबाइल फोन बरामद हुए हैं जिनमें पाकिस्तानी हैंडलरों के साथ चैट, फोटो और वीडियो मिले हैं। गिरफ्तार आरोपिताें की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी 24 वर्षीय दानिश उर्फ चांद मियां और 20 वर्षीय सलमान के रूप में हुई है।

पूछताछ में दानिश ने बताया कि अप्रैल 2026 में सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान राना हुनैन से हुई थी। इसके बाद उसे दिल्ली आकर संवेदनशील ठिकानों की रेकी करने और हमला करने का जिम्मा दिया गया। काम पूरा होने पर उसे 20 हजार रुपये देने का वादा किया गया था।

सलमान, दानिश का दोस्त है। उसे हमले का वीडियो बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके लिए उसे भी 20 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था।

स्पेशल सेल की जांच में सामने आया कि दूसरा मॉड्यूल पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की तस्करी कर रहा था। इस नेटवर्क को आईएसआई हैंडलर हसन गुज्जर संचालित कर रहा था, जो शाहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी है। पुलिस के मुताबिक पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा पर हथियार गिराए जाते थे। इसके बाद इन्हें दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सप्लाई किया जाता था। इन हथियारों की बिक्री से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल भारत में आतंकवादी और आपराधिक गतिविधियों को फंड करने में किया जाना था। इस मामले में स्पेशल सेल ने कालिंदी कुंज इलाके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से तीन अत्याधुनिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दो कारें बरामद की गईं। बाद में चौथे आरोपी मलकीत सिंह को पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपिताें में शाहीन बाग निवासी तैय्यब, गाजियाबाद के मोदीनगर निवासी जुबैर खान, मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी अली फजल और अमृतसर के कोहाला गांव निवासी मलकीत सिंह शामिल हैं।

पुलिस जांच में पता चला कि तैय्यब की पहचान सोशल मीडिया के जरिए हसन गुज्जर से हुई थी। उसके निर्देश पर जुबैर खान अमृतसर गया, जहां उसने मलकीत सिंह से हथियारों की खेप ली। बाद में यह हथियार अली फजल को दिए गए ताकि उन्हें दिल्ली या उत्तर प्रदेश में खरीदारों को बेचा जा सके। अली फजल के खिलाफ वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में आर्म्स एक्ट का मामला भी दर्ज हो चुका है। वहीं मलकीत सिंह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की खेप प्राप्त कर उसे आगे नेटवर्क तक पहुंचाने का काम करता था।

स्पेशल सेल ने आरोपिताें के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इनमें पाकिस्तानी हैंडलरों के साथ चैट, फोटो, वीडियो और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच करा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंडिंग और भविष्य की साजिशों का पता लगाया जा सके। स्पेशल सेल ने आरोपियों के कब्जे से तीन पेट्रोल बम, एक चोरी की मोटरसाइकिल, 2,000 रुपये नकद, तीन अत्याधुनिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, दो कारें (हुंडई वर्ना और फोर्ड इकोस्पोर्ट) तथा पाकिस्तानी हैंडलरों से बातचीत वाले मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने कहा है कि समय रहते कार्रवाई कर दिल्ली में संभावित आतंकी हमले की बड़ी साजिश को विफल कर दिया गया। अब पूरे नेटवर्क, फंडिंग और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जा रही है।

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