बड़ाबाजार और चौरंगी के कई पुराने वार्डों का अस्तित्व समाप्त, कइयों का विलय
कोलकाता। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के आगामी नगर निगम चुनाव से पहले शहर के प्रशासनिक और राजनीतिक भूगोल को पूरी तरह बदलने वाली परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय सेंट्रल डिलिमिटेशन कमेटी ने कोलकाता में 21 विशालकाय वार्डों का विभाजन कर कुल वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 200 करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य वार्डों में फैली मतदाताओं की भारी असमानता को दूर कर प्रत्येक वार्ड में औसतन 16 हजार से 18 हजार वोटरों का एक संतुलित ढांचा तैयार करना है। जहां एक तरफ ईएम बाइपास, टंगरा और जोका जैसे विशाल इलाकों में 56 नए वार्ड बनाए जाएंगे, वहीं दूसरी तरफ मध्य और उत्तर कोलकाता के कई ऐतिहासिक व पुराने वार्डों का नामोनिशान मिटने जा रहा है।
प्रस्तावित प्रारूप के अनुसार, बड़ाबाजार, जोड़ासांको और चौरंगी जैसे घनी आबादी लेकिन भौगोलिक रूप से छोटे इलाकों में बड़े पैमाने पर विलय और पुनर्गठन की कैंची चलाई गई है। जोड़ासांको विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले 23 नंबर वार्ड का वजूद पूरी तरह समाप्त कर इसे 22 नंबर वार्ड में मिला दिया गया है। इसके साथ ही 25 नंबर वार्ड के कुछ हिस्सों को काटकर 22 नंबर में जोड़ा जाएगा। 27 नंबर और 38 नंबर वार्डों के बीच भू-भागों की अदला-बदली की गई है। इसके अलावा 39 नंबर वार्ड का स्वतंत्र अस्तित्व पूरी तरह खत्म कर इसका विलय 40 और 43 नंबर वार्ड में करने का खाका खींचा गया है, जिसके तहत करीब 3 हजार मतदाता वार्ड 40 में और 5 हजार मतदाता वार्ड 43 में शामिल होंगे। इसी प्रकार वार्ड 41 और 42 का आपस में पूर्ण विलय करके एक नया एकीकृत वार्ड गठित करने का फैसला लिया गया है।
मध्य कोलकाता के चौरंगी विधानसभा क्षेत्र में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिला है, जहां वार्ड नंबर 47 और 51 को आपस में मिलाकर एक नया वार्ड बनाया जाएगा, जिससे 51 नंबर वार्ड का स्वतंत्र वजूद हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। वहीं वार्ड 52 के एक बड़े भू-भाग को काटकर वार्ड 53 में मिलाया गया है और इसके करीब 9 हजार मतदाताओं को वार्ड 61 में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। वार्ड 62 के भी लगभग 1.8 हजार मतदाताओं को 53 नंबर वार्ड का हिस्सा बनाया जाएगा और शेष बचे इलाकों को नया प्रशासनिक स्वरूप दिया जाएगा।
नगर निगम की प्रशासक एवं नगर आयुक्त स्मिता पांडे के अनुसार, वर्तमान में केएमसी के कई वार्डों में जहां 85 हजार तक मतदाता हैं, वहीं कुछ छोटे वार्डों में महज 10 हजार वोटर रह गए हैं। इस असमानता को दूर करने के लिए जहां कम आबादी वाले पुराने वार्डों को विलीन किया जा रहा है, वहीं वार्ड 58 (टंगरा-धापा), वार्ड 66 (तोपसिया-तिलजला), और वार्ड 108 व 109 (मुकुंदपुर-सोनारपुर) जैसे 8 से 10 किलोमीटर में फैले विशाल वार्डों को विभाजित कर 6 से 8 नए वार्डों में बांटा जाएगा। बोरो समितियों की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय परिसीमन समिति बहुत जल्द अपना अंतिम प्रस्ताव नगर विकास विभाग को सौंपेगी, जिसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद इन्हीं नए 200 वार्डों के आधार पर अगला नगर निगम चुनाव कराया जाएगा।

