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सोना पप्पू के साम्राज्य पर ईडी का प्रहार

सोना पप्पू के साम्राज्य पर ईडी का प्रहार

Taaza TV Hindi 1 week ago

2 करोड़ कैश और गोल्ड बरामद, सिंडिकेट राज के काले चिट्ठे उजागर

कोलकाता। जबरन वसूली और सिंडिकेट राज के बेताज बादशाह माने जाने वाले विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू के खिलाफ ईडी ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी ने मैराथन छापेमारी के बाद करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी और सोना बरामद किया है। इस कार्रवाई ने न केवल कोलकाता के आपराधिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि शहर के रसूखदार राजनीतिक और व्यापारिक गठजोड़ की परतों को भी उघाडऩा शुरू कर दिया है।
ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दक्षिण कोलकाता के कसबा और बालीगंज समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। शुरुआती तलाशी में अधिकारियों के हाथ 1 करोड़ 20 लाख रुपये नकद लगे, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, गुप्त ठिकानों से 80 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी और भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ। बरामदगी का कुल आंकड़ा 2 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। नोटों की गिनती के लिए मशीनें मंगवानी पड़ीं, जिससे इस सिंडिकेट की आर्थिक ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों को केवल धन ही नहीं, बल्कि सोना पप्पू के घर से एक अवैध हथियार भी मिला है, जो इस मामले को और अधिक संगीन बनाता है। इसके अलावा, एक महंगी लग्जरी कार और जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े दर्जनों संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। ईडी को अंदेशा है कि बेहाला और बालीगंज स्थित दफ्तरों से मिले इन दस्तावेजों में करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन और मनी ट्रेल के पुख्ता सबूत छिपे हैं। विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू पर लंबे समय से निर्माण कार्यों और जमीन के सौदों में बिल्डरों को धमकाने और उनसे मोटी रकम वसूलने के आरोप लगते रहे हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि यह वसूली गई रकम केवल पप्पू तक सीमित नहीं रहती थी, बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोगों और सफेदपोशों तक पहुंचाया जाता था। ईडी अब उन कडिय़ों को जोडऩे में जुटी है जो इस आपराधिक धन को राजनीतिक संरक्षण प्रदान करती थीं। इस कार्रवाई के बाद कोलकाता की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे राज्य में व्याप्त सिंडिकेट कल्चर का जीता-जागता सबूत बताते हुए सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधा है। वहीं, टीएमसी से जुड़े कुछ स्थानीय नेताओं के साथ सोना पप्पू की कथित तस्वीरों और संबंधों को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस तेज है। हालांकि, पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे कानून की प्रक्रिया बताया है। सोना पप्पू कांड की जांच अब उस मोड़ पर पहुंच गई है जहां कई बड़े नामों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
ईडी की इस दबिश ने यह साफ कर दिया है कि निर्माण और जमीन के धंधे में अवैध वसूली करने वाले नेटवर्क पर नकेल कसना अब एजेंसी की प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद कई और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

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