रवीश कुमार मणि
पटना, 27 अप्रैल ( तरूणमित्र ) । बिहार में भाजपा की सरकार बनी है । ऐसा माना जाता है की भाजपा हिन्दू धर्म का संरक्षक व विस्तारक है । ऐसे में भगवान और भगवान की संपत्ति को खुलेआम लूटे जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़ा करता है ।
अब तो भगवान के दर्शन और पूजा- पाठ के लिए भी अपराधियों व तैनात पहलवानों से सहयोग लेना पड़ता है । उक्त मामला सूबे के कोशों दूर का नहीं बल्कि राजधानी पटना के हृदय स्थली बाकरगंज स्थित भीखमदास ठाकुरबाड़ी का है ।
भीखमदास ठाकुरबाड़ी के महंत जय नारायण दास व विमल दास भगवान ( मंदिर / ठाकुरबाड़ी ) के जमीन को करोड़- करोड़ों में लगातार बिक्री कर रहें है और उस पैसे से अहमदाबाद में होटल बनाया जा रहा है एवं कई होस्टल खोला गया है । होटल और होस्टल के बारे में आगे विस्तार से बताया जाएगा । बाकरगंज भीखमदास ठाकुरबाड़ी को प्रतिमाह करीब 8-10 लाख रूपए किराया आता है वहीं पटना में सैकड़ों करोड़ की सम्पत्ति है जिसे अपराधियों व भू- माफियाओं से साठगांठ कर महंत जय नारायण दास व विमल दास द्वारा बेचा जा रहा है । जबकि भीखमदास ठाकुरबाड़ी स्थित भगवान के मंदिर का हालत जर्जर है । हाल ही 50-60 लाख रूपए पगड़ी लेकर गोशाला की जमीन को एग्रीमेंट कर दिया गया है । इसमें एक निजी व्यक्ति ने लग्ज़री ऑफिस बनाया है ।
भीखमदास ठाकुरबाड़ी के नामित जमीन पर सैकड़ों दुकानें बनी है , प्रतिमाह 8-10 लाख रूपए किराया आता है । महंत जय नारायण दास व विमल दास ने भीखमदास ठाकुबाड़ी की सम्पत्ति को निजी ट्रस्ट बनाकर ऐश- मौज में आमदनी के 70% निजी खर्च की व्यवस्था बना रखी है । इसके बाद भगवान की जमीन फर्जीवाड़ा कर करोड़ों- करोड़ में बिक्री किया जा रहा है और क़ब्ज़ा दिलाने के लिए अपराधियों- लठैतों ( बाउंसरों ) की मदद लिया जाता है । महंत के लठैतों द्वारा प्रतिदिन दुकानदारों को दुकान खाली करने के लिए धमकाया जाता है की दुकान खाली कर दो महंत जी ने जमीन बेच दिया है । भीखमदास ठाकुरबाड़ी के उत्पन्न विवाद से कदमकुंआ थाना तंग आ चुकी है । बीते शनिवार को सैकड़ों दुकानदार कदमकुंआ थाना की पुलिस के पास पहुंचे और ठाकुरबाड़ी में चल रहे गलत गतिविधियों, ठाकुरबाड़ी की जमीन को भू- माफियाओं के हाथों बिक्री करने, महंत के तथाकथित पुत्र द्वारा धमकी देने व अभद्र व्यवहार करने को लेकर लिखित आवेदन दिया है ।
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने भीखमदास ठाकुरबाड़ी के महंत जय नारायण दास व विमल दास को नोटिस किया है की बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 28 ( 2 ) ( H ) ( VI ) के तहत यदि कोई न्यास की भूमि बिक्रय करता है या किसी प्रकार दूसरे को अन्य संक्रमित करता है तो उसे हटाया जा सकता है । बीते 10 अप्रैल 2026 तक पर्षद के समक्ष उपस्थित हो स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया । निर्गत पत्र में स्पष्ट उल्लेख है की वर्ष 2011 में दस दिनों के अंतराल में 15 लोगों को 52 लाख 92 हज़ार रुपये लेकर भीखमदास ठाकुरबाड़ी की जमीन को बिक्री कर दिया गया है ।
भीखमदास ठाकुरबाड़ी की मुख्य विशेषताएं:
- ऐतिहासिक महत्व: माना जाता है कि यह मंदिर छठी शताब्दी से संबंधित है, और वर्तमान में 500-700 साल पुराने साक्ष्य यहाँ मौजूद हैं।
- अनोखा गर्भगृह: यहाँ एक साथ 72 देवी-देवताओं के साथ शालिग्राम भगवान की 262 मूर्तियों की रोजाना पूजा होती है।
- ऐतिहासिक शंख संग्रह: ठाकुरबाड़ी में 500 साल से अधिक पुराने लगभग 35 दुर्लभ शंखों का संग्रह है, जिनमें ढ़ाई किलो वजनी 'पाञ्चजन्य' शंख भी है, जिसकी आवाज 2 किमी तक जाती है।
- पुराने बर्तन: मंदिर में 800 साल पुराने बर्तन रखे हैं, जिनका उपयोग आज भी प्रसाद बनाने के लिए किया जाता है।
- मौलश्री का पेड़: मंदिर परिसर में एक 500 साल पुराना मौलश्री का पेड़ है, जिसके बारे में मान्यता है कि इसके पत्ते कभी नहीं झड़ते।
- नामकरण: इस मंदिर का नाम 'भीखम दास' नामक एक पुलिस अधिकारी के नाम पर पड़ा, जो बाद में यहां के साधक बन गए।

