लखनऊ । उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गौशालाओं में गोवंश के संरक्षण, देखभाल एवं व्यवस्थाओं में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। बदायूँ के दो खंड विकास अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की गई है, जबकि कासगंज के पटियाली विकास खंड के खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार को कथित वीडियो प्रकरण के संबंध में निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
उन्होंने प्रमुख सचिव को निर्देशित किया है कि प्रदेश की गौशालाओं की नियमित निगरानी की जाए। जहां भी अव्यवस्था, अनियमितता, संसाधनों की कमी अथवा गोवंश की देखभाल में लापरवाही सामने आए, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए।श्री मौर्य ने बदायूँ के म्याऊँ विकास खंड के खंड विकास अधिकारी राकेश कुमार निराला को अभिगांव गौशाला में 20 गोवंश की मृत्यु के मामले में प्रथमदृष्टया जिम्मेदार पाया गया है। गौशाला की निर्धारित क्षमता 100 गोवंश होने के बावजूद वहां 428 गोवंश संरक्षित पाए गए। जनपद में पूर्व से रेड अलर्ट होने के बावजूद अस्थायी व्यवस्था एवं अतिरिक्त शेड की व्यवस्था नहीं कराए जाने को गंभीर लापरवाही माना गया है।
बदायूँ के सालारपुर विकास खंड के खंड विकास अधिकारी नितिन कुमार के विरुद्ध गौशाला में 14 गोवंश की मृत्यु एवं लापरवाही के मामले में अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की गई है। कथित वीडियो का स्वत: संज्ञान लेते हुए श्री मौर्य ने कासगंज के पटियाली विकास खंड के खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार से संबंधित सामने आने के बाद प्रथमदृष्टया गंभीर अनियमितता के संकेतों को देखते हुए उन्हें निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।गोवंश संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

