Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
BJP विधायक की दलील नहीं आई काम, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा

BJP विधायक की दलील नहीं आई काम, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा

ई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 2018 के चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मृतका डॉ. अर्चना गुप्ता के पति को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।

सजा सुनाए जाने से एक दिन पहले विधायक ने अदालत में भावुक अपील की थी। उन्होंने कहा था कि घटना जानबूझकर नहीं हुई और जिस महिला की मौत हुई, वह उनके परिवार के लिए "भाभी जैसी थीं"। उन्होंने अदालत से अपने सामाजिक जीवन और अच्छे आचरण को देखते हुए नरमी बरतने की गुहार लगाई थी। हालांकि अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया।

कोर्ट में क्या बोले विधायक?

सजा पर बहस के दौरान राजू कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. अर्चना गुप्ता उनके बड़े भाई के मित्र की पत्नी थीं और परिवार उन्हें भाभी की तरह मानता था। उन्होंने कहा कि इस घटना में उनके परिवार ने भी एक करीबी सदस्य को खोया है।

विधायक ने अदालत से कहा कि उनका किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था। उनका कहना था कि यह केवल एक दुर्घटना थी और उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि हवाई फायर की गई गोली किसी की जान ले सकती है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि उन्हें गोली के परवलयाकार (Parabolic) मार्ग की वैज्ञानिक जानकारी नहीं थी।

क्या था मामला?

यह घटना 31 दिसंबर 2018 की रात दक्षिण दिल्ली के एक फार्महाउस में नए साल के जश्न के दौरान हुई थी। आरोप है कि राजू कुमार सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से हर्ष फायरिंग की थी। इसी दौरान चली गोली 45 वर्षीय डॉ. अर्चना गुप्ता को लग गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मामले की सुनवाई के बाद 6 जून 2026 को अदालत ने राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 (भाग-2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी ठहराया था। शनिवार को अदालत ने उन्हें चार साल की सजा सुनाई और मृतका के परिवार को ₹25 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया।

क्यों अहम है फैसला?

यह फैसला हर्ष फायरिंग जैसी घटनाओं पर अदालत के सख्त रुख को दर्शाता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जश्न के दौरान की गई लापरवाही, यदि किसी की जान लेती है, तो उसके लिए कानूनी जिम्मेदारी तय होगी। यह फैसला सार्वजनिक समारोहों में हथियारों के लापरवाही से इस्तेमाल के खिलाफ भी एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Tarun Mitra Hindi