लखनऊ। मातृ-शिशु मृत्यु दर पर लगाम लगाने और संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव व्यवस्था को जन जन तक पहुंचाने के लिए एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज की एराज शिशु मां सुरक्षा (एसएमएस) योजना का को औपचारिक शुभारंभ हुआ।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अब्बास अली मेहदी ने योजना का उद्घाटन किया। इस योजना का मकसद खासतौर पर गरीब और असहाय वर्ग की महिलाओं को संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल की तरफ आकर्षित करना है ताकि नारी शक्ति के साथ साथ देश का भविष्य भी सुरक्षित रहे। गौरतलब है कि एराज शिशु मां सुरक्षा (एसएमएस) योजना के तहत नार्मल डिलीवरी के साथ साथ अब सिजेरियन डिलीवरी भी निशुल्क की जाएगी। कुलपति प्रोफेसर अब्बास अली मेहदी ने कहा कि हमारा मकसद सभी को गुणात्मक चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना है। हम सेवा भाव से कार्य करते हैं। कोरोना कालखंड इसका उदाहरण है। जैसा की सभी जानते है कि देश में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना एक बड़ी चुनौती है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर जमाल मसूद ने कहा कि एरा पहला ऐसा निजी संस्थान है जिसने इस तरह की योजना लागू की है। यह योजना किसी एक विभाग की नहीं बल्कि सबका प्रोग्राम है। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख डॉक्टर एसपी जयसवार ने कहा कि यह योजना मुख्य रूप वर्ग के लिए है जो अस्पतालों का भरी भरकम खर्च नहीं उठा सकते है। इससे मातृ- शिशु मृत्यु दर में निश्चित रूप से गिरावट दर्ज होगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ब्रिगेडियर सुरजीत बसु ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डॉक्टर, फैकल्टी सदस्य और छात्र मौजूद थे।

