लखनऊ। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने जनपद हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त होने की अत्यंत दुखद एवं गंभीर घटना को प्रदेश सरकार की निर्माण व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही एवं श्रमिक सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न बताया है।
अजय राय ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराकर वास्तविक तथ्यों को जनता के सामने लाये जाने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराए जाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होने कहा है कि इस घटना में प्रशासनिक अकर्मण्यता एवं संभावित भ्रष्टाचार से इंकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित एक प्रतिनिधिमण्डल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के नेतृत्व में दुर्घटना स्थल का दौरा कर प्रभावित परिवारों एवं स्थानीय नागरिकों से मुलाकात की एवं वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि दुर्घटना के संबंध में अनेक गंभीर प्रश्न अभी भी अनुत्तरित हैं। स्थानीय लोगों ने आशंका व्यक्त की है कि दुर्घटना में प्रभावित व्यक्तियों की वास्तविक संख्या तथा मृतकों का सही आंकड़ा अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। कुछ मजदूरों के मोबाइल फोन घटना के बाद से बंद बताए जा रहे हैं, जिससे उनके परिजनों में चिंता एवं असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवलोकन किया कि दुर्घटना स्थल पर मलबे के आसपास दुर्गंध की स्थिति बनी हुई थी, जिसके संबंध में स्थानीय लोगों ने आशंका व्यक्त की कि मलबे के भीतर अभी भी कुछ श्रमिक दबे हो सकते हैं। इस संबंध में व्यापक तकनीक सर्वेक्षण एवं स्वतंत्र सत्यापन कराया जाना आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की मानवीय क्षति को छुपाया न जा सके। लगभग 92.52 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल का अचानक ध्वस्त हो जाना केवल एक सामान्य दुर्घटना नहीं माना जा सकता।
यदि निर्माणाधीन पुल अपने ही भार को वहन नहीं कर सका और उसके पिलर, स्लैब एवं स्टील संरचनाएं एक साथ धराशायी हो गईं, तो निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के अनुपालन तथा कार्यदायी संस्था की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश अथवा किसी स्वतंत्र उच्चस्तरीय आयोग से कराई जाए।
साथ ही निर्माण कार्य से संबंधित तकनीकी अभिलेख, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, भुगतान विवरण एवं अनुबंध सार्वजनिक किए जाएं। दुर्घटना के समय कार्यस्थल पर मौजूद सभी मजदूरों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों की नामावली सार्वजनिक कर उनका सत्यापन कराया जाए तथा मृतकों एवं लापता व्यक्तियों की संख्या का स्वतंत्र रूप से पुनः सत्यापन कराया जाए।
कांग्रेस पार्टी ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में निर्माण सामग्री, डिजाइन, पर्यवेक्षण अथवा कार्य निष्पादन में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों, अभियंताओं, ठेकेदारों एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए ठोस कदम उठाये जाएं।

