बिजनौर। जिला कारागार बिजनौर में निरुद्ध विचाराधीन बंदी शकील अहमद की उपचार के दौरान हुई मृत्यु के मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है। इस संबंध में उप जिला मजिस्ट्रेट (सदर) रितु रानी को जांच अधिकारी नामित किया गया है और आमजन से साक्ष्य एवं बयान देने की अपील की गई है।
उप जिला मजिस्ट्रेट (सदर) रितु रानी ने जानकारी देते हुए बताया कि शकील अहमद पुत्र अब्दुल अजीज, निवासी मोहल्ला पटीरी थाना नगीना, जिला बिजनौर, थाना कोतवाली शहर में दर्ज अपराध संख्या 1793/2024 धारा 328 आईपीसी के मामले में 27 अगस्त 2024 को न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-06 के आदेश पर जिला कारागार बिजनौर में निरुद्ध किया गया था।
उन्होंने बताया कि बंदी शकील अहमद की 1 सितंबर 2025 को मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा-निर्देशों तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 194 एवं 196 के अंतर्गत ऐसे मामलों में मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने का प्रावधान है।
जिला कारागार बिजनौर के अनुरोध पर जिला मजिस्ट्रेट बिजनौर द्वारा उप जिला मजिस्ट्रेट (सदर) रितु रानी को इस प्रकरण का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है और वर्तमान में मामले की मजिस्ट्रियल जांच की जा रही है।
उप जिला मजिस्ट्रेट रितु रानी ने सर्वसाधारण को सूचित किया है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से संबंधित कोई साक्ष्य, जानकारी अथवा बयान हो, तो वह 25 जून 2026 तक किसी भी कार्य दिवस में प्रातः 10:30 बजे से सायं 5:00 बजे के बीच कार्यालय उप जिला मजिस्ट्रेट बिजनौर में उपस्थित होकर अपना पक्ष अथवा साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।

