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कई लोगों की जान बचाने वाले रक्त दानवीर से भी वसूले खून के लिए पैसे

मुजफ्फरनगर। भारत सरकार का स्लोगन है कि 'रक्त दान महादान' लेकिन उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला के स्वामी कल्याण देव राजकीय जिला चिकित्सालय में स्थित ब्लड बैंक के कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।

ब्लड बैंक के कर्मचारी लगभग 50 से ज्यादा बार रक्तदान कर चुके एक रक्तदाता से ही एक यूनिट ब्लड के 400 रूपये से लेकर 1100 रूपये तक वसूल रहे हैं। जो व्यक्ति सालों से लोगों की जिंदगी बचाने के लिए अपना रक्त दान करता रहा आज उसी रक्तदाता को अपने पिता की जिंदगी बचाने के लिए ब्लड नहीं मिल पा रहा है। अगर उसे ब्लड मिल भी रहा है तो उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।

ब्लड बैंक में खून के लिए पैसों की मांग

दरअसल मुज़फ्फरनगर में गाँव पिन्ना के जागरूक 32 वर्षीय युवक सुमित मालिक जो अब तक ब्लड के विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओ द्वारा लगाए गए कैंपो में लगभग 50 से अधिक बार रक्त दान कर चुका है।

जिसे 50 से अधिक बार रक्तदान करने पर जिला चिकित्सालय से सर्टिफिकेट भी मिले थे। लेकिन जब सुमित को अपने बीमार पिता के लिए रक्त की आवश्यकता हुई और वह रक्तदान के दौरान मिलने वाले कार्ड लेकर सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड लेने पहुंचा तो उससे 11 सौ रुपये की मांग की गई।

50 से अधिक बार कर चुका रक्तदान

इस रक्तदाता ने अपने द्वारा आज तक किए अपने 50 से अधिक बार किये रक्तदान की बात की तो यहाँ के कर्मचारियों ने कहां कि रक्त लेने में ओर रक्त देने के नियम अलग अलग होते हैं। रुपये दो और ब्लड लो।

जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक के कर्मचारियों की शिकायत लेकर युवक बड़े अधिकारियों से मिला। लेकिन वहां भी सुमित के हाथ निराशा ही लगी। उसके बाद सुमित का सरकारी मशीनरी से विश्वाश ही उठ गया। तब उसके बाद रक्तदाता सुमित ने अपने सभी रक्त दान के दौरान मिले।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दी सफाई

रक्तदाता ने प्रमाण पत्रों को जिला मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के बहार अधिकारियों के सामने ही फाड़कर फेंक दिए। उसने कहा कि ऐसे रक्तदान से क्या फायदा जो इतना दान करने के बाद भी जरूरत पड़ने पर खरीदना पड़ता है।

इस खून के खेल के बारे में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी पी एस मिश्रा से बात की गई तो सफाई पेश करते हुए बताया कि ऐसा नहीं है। चिकित्सालय के ब्लड बैंक में जब कोई ब्लड एक्सचेंज करता है तो उसकी सरकारी फीस 400 रूपये ली जाती है और उसकी एक स्लिप भी दी जाती है। अगर ब्लड बैंक में किसी भी कर्मचारी ने युवक से 1100 रूपये की माँग है तो इसकी जाँच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

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