संत कबीर नगर, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र* के निकट पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना एवं थाना महुली पुलिस द्वारा संबंधित प्रकरण में 02 वांछित अभियुक्तों को उनके निवास स्थान से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया
*घटना का विवरण*
दिनांक 18.10.2025 को वादी संतलाल मौर्य निवासी हटवा थाना महुली द्वारा थाना महुली पर तहरीर देकर बताया गया कि विश्वनाथपुर में संचालित TVS Solution एवं AIIPL Trading के नाम से कार्यालय चलाने वाले व्यक्तियों द्वारा शेयर मार्केट में निवेश पर 50 से 60 प्रतिशत तक लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे विभिन्न माध्यमों से कुल ₹51,00,000 का निवेश कराया गया । निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद न तो लाभ दिया गया और न ही निवेश की गई धनराशि वापस की गई । पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि अभियुक्तों द्वारा छलपूर्वक धनराशि हड़प ली गई ।
प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना महुली पर अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान मुख्य अभियुक्त धनंजय शुक्ला एवं रजनी प्रजापति को पूर्व में गिरफ्तार कर पुलिस कस्टडी रिमांड पर पूछताछ एवं साक्ष्य संकलित किए गए ।
जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्तगण अपने सहयोगियों के माध्यम से लोगों को अधिक लाभ का प्रलोभन देकर AIIPL Trading नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश कराते थे । प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को वर्चुअल बैलेंस एवं बढ़ता हुआ लाभ दिखाया जाता था, जबकि वास्तविक रूप से धनराशि शेयर बाजार में निवेश न होकर नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था । इस प्रकार लगभग ₹30 करोड़ की धनराशि एकत्रित की गई ।
विवेचना में गिरफ्तार अभियुक्त विक्रांत प्रकाश सिंह एवं सत्यप्रकाश यादव की सक्रिय भूमिका सामने आई । दोनों अभियुक्त निवेशकों को जोड़ने, धनराशि प्राप्त करने तथा नकद एवं बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध लाभ अर्जित करने में संलिप्त पाए गए । जांच में यह भी सामने आया कि विक्रांत प्रकाश सिंह ने लगभग ₹4 करोड़ तथा सत्यप्रकाश यादव ने लगभग ₹50 लाख की अवैध संपत्ति अर्जित की, जिससे खजनी, सहजनवां एवं संतकबीरनगर क्षेत्र में अचल संपत्तियां खरीदी गईं ।
मुख्य अभियुक्तों द्वारा अपराध से अर्जित धन से लखनऊ में खरीदे गए मकान को धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत जब्त किए जाने हेतु माननीय न्यायालय में रिपोर्ट प्रेषित की जा चुकी है । साथ ही अपराध से अर्जित संपत्तियों के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर उप निबंधक कार्यालय खलीलाबाद, खजनी एवं सहजनवां के माध्यम से रोक लगाने की कार्रवाई भी की गई है ।

