ललितपुर। मो0 मुश्ताक के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने कूटरचित मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टर की नौकरी हासिल कर भौतिक व आर्थिक लाभ प्राप्त करने के मामले में 25 हजार रुपये की इनामिया वांछित अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपी महिला को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली ललितपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 1422/2025 धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 336(4), 340(2), 61(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए अभियुक्ता लवीना सिंह उर्फ दीपाली गुप्ता पत्नी अभिनव सिंह निवासी तालाबपुरा, ललितपुर हाल निवासी आरएलएम कॉलेज के पास खुरई, जिला सागर (म.प्र.) को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी महिला पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मामले की शुरुआत उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामनरेश सोनी की शिकायत से हुई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी दंपति ने रिश्तेदारों की एमबीबीएस व एमडी डिग्रियों का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और स्वायत्तशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज ललितपुर सहित विभिन्न संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सक के पद पर नौकरी हासिल कर ली। आरोप है कि बिना किसी वैध डिग्री और अनुभव के मरीजों का इलाज कर उनकी जान से खिलवाड़ किया गया।
पुलिस पूछताछ में.... अभियुक्ता ने स्वीकार किया कि उसने और उसके पति अभिनव सिंह ने अमेरिका में रहने वाले अपने बहनोई डॉ. राजीव गुप्ता और ननद डॉ. दीपाली गुप्ता के मेडिकल दस्तावेजों में कूटरचना कर फर्जी तरीके से डॉक्टर बनकर कई अस्पतालों में नौकरी की। इस दौरान उन्होंने बड़ी मात्रा में धन अर्जित कर जमीन, मकान और लग्जरी वाहन खरीदे।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2019 में अभिनव सिंह को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने फिर से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मध्य प्रदेश के बीना स्थित अस्पताल और बाद में जिला अस्पताल ललितपुर में नौकरी प्राप्त की। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी तथा निरीक्षक नरेन्द्र सिंह सहित कोतवाली पुलिस टीम शामिल रही।

