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शुद्ध नीयत व निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी: मुख्यमंत्री योगी

शुद्ध नीयत व निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी: मुख्यमंत्री योगी

खनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए किसी शॉर्टकट की नहीं, बल्कि ईमानदार मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है। सफलता उन्हीं को मिलती है, जो कठिन परिश्रम से पीछे नहीं हटते और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हैं।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न बोर्डों की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल विद्यार्थियों की उपलब्धि नहीं, बल्कि माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और नकलमुक्त, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था का भी परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुख्य समारोह में 223 छात्र-छात्राओं को जिन्होंने प्रदेश की टॉप-10 की सूची में अपना स्थान बनाया है, सम्मानित किया जा रहा है। इनमें छात्रों की संख्या 85 और छात्राओं की संख्या 138 है। अर्थात् छात्राओं ने मेरिट में अधिक स्थान प्राप्त किए हैं। यह संख्या स्पष्ट रूप से बताती है कि छात्राएं अधिक मेहनत करती हैं और बेहतर अंक प्राप्त करने की क्षमता रखती हैं। छात्रों के लिए यह प्रेरणा होनी चाहिए कि छात्राएं घर का काम करते हुए भी बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। मेरा मानना है कि "बेटी पढ़ेगी तो आगे बढ़ेगी और देश व समाज को भी आगे बढ़ाएगी"।

इसके साथ ही जनपद स्तर पर टॉप-10 में आने वाले 1459 छात्र-छात्राओं को सभी 75 जनपदों में आयोजित समारोहों के माध्यम से सम्मानित किया जा रहा है। ये वास्तव में इन छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और आगे बढ़ने के लिए जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी। यह समारोह इस बात का प्रतीक है कि सही दिशा में किया गया परिश्रम अवश्य फलदायी होता है और परिणाम सुखद होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि माता-पिता समय रहते बच्चों पर ध्यान दें, सही मार्गदर्शन दें तो उनका भविष्य उज्ज्वल होता है। अभिभावकों के प्रयास, शिक्षकों के मार्गदर्शन और प्रधानाचार्यों के अनुशासन, इन तीनों की बड़ी भूमिका होती है। किसी भी बच्चे के लिए अभिभावक ही पहला गुरु होता है। आजकल हम क्या देख रहे हैं? बच्चा रो रहा है तो माता-पिता उसे चुप कराने के लिए तुरंत स्मार्टफोन थमा देते हैं। दो-तीन साल के छोटे बच्चे को भी स्मार्टफोन पकड़ा दिया जाता है और वीडियो गेम में लगा दिया जाता है। ऐसा मत कीजिए, कुछ देर रोने दीजिए। उसे रचनात्मक गतिविधियों से जोड़िए, जो उसके समग्र विकास में मदद करें। दो-तीन वर्ष के बच्चे को स्मार्टफोन और गेमिंग से जोड़ने के घातक परिणाम हम सबके सामने हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पहले नकलयुक्त परीक्षाएं होती थीं और मेरिट का कोई भरोसा नहीं था। शिक्षकों की भर्ती भी ठीक से नहीं होती थी। छात्र भी सोचते थे कि मेहनत करने की जरूरत नहीं। पिछले 9 वर्षों में हमने प्रदेश में नकल मुक्त परीक्षाएं सुनिश्चित की हैं। आज माध्यमिक शिक्षा परिषद में 56 लाख छात्र-छात्राएं समय पर परीक्षा देते हैं और परिणाम भी मात्र 14-15 दिनों में आ जाते हैं।

सफलता का मार्ग शॉर्टकट अपनाने से नहीं मिलता

मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का मार्ग परिश्रम से निकलता है, शॉर्टकट अपनाने से नहीं। शॉर्टकट का रास्ता कुछ दूरी तक सहायक हो सकता है, लेकिन लंबी दूरी तय करने के लिए परिश्रम का सही मार्ग अपनाना ही पड़ेगा। अभिभावकों पर स्मार्टफोन के लिए अनावश्यक दबाव न डालें। स्मार्टफोन का उपयोग सही दिशा में कीजिए। हमने आपको टैबलेट उपलब्ध करवाए हैं, डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़िए, अपने पाठ्यक्रम से जुड़िए, समाचार पत्रों का नियमित अध्ययन कीजिए। टेलीविजन पर न्यूज देखिए, अन्य व्यर्थ कार्यक्रम न देखें। सोशल मीडिया पर न्यूनतम समय व्यतीत कीजिए, अधिक से अधिक 10-15 मिनट या आधा घंटा। इसमें फंसते गए तो पूरा समय व्यर्थ हो जाएगा और परिणाम शून्य आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीष्मावकाश में शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी समय निकालिए। अच्छा स्वास्थ्य ही आपके सपनों और लक्ष्यों को प्राप्त करने की आधारशिला है। समय पर सोना-जागना और भोजन में संतुलन बहुत जरूरी है। जब सरकार आपको सहयोग करती है, तो उसकी एक ही अपेक्षा होती है कि आप परिवार के अन्य सदस्यों, अन्य छात्र-छात्राओं को भी शिक्षा, स्पोर्ट्स या कला क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा विभाग की मंत्री गुलाब देवी, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा समेत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारीगण, सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावक तथा प्रधानाचार्य भी उपस्थित रहे।

मेधावियों ने सम्मान मिलने पर जताई सरकार के प्रति खुशी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सोमवार को लोकभवन में मेधावी छात्र-छात्राओं ने सम्मान पाकर खुशी जताई। सीतापुर के बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज, शेखपुर बिलौली बाजार की छात्रा कशिश वर्मा को सम्मानित किया, जिन्होंने 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके बाद बाराबंकी की द मॉडर्न एकेडमी इंटर कॉलेज, जैदपुर की अंशिका वर्मा को सम्मानित किया गया। समारोह में सीतापुर की शिक्षा वर्मा, कन्नौज के राधा देवी आदर्श संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की सृष्टि, प्रतापगढ़ के श्री राम टहल संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रजनीश यादव को सम्मान मिला।

लखनऊ पब्लिक कॉलेज, राजाजीपुरम के शिवम अवस्थी ने 99.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके अभिभावकों और विद्यालय परिवार को बधाई दी। कानपुर के डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, किदवई नगर की अनन्या गर्ग तथा शीलिंग हाउस स्कूल की श्रेष्ठी सिंह को भी सम्मानित किया गया। अनन्य और श्रेष्ठी सिंह ने 99.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर के वैवस्वत नारायण दुबे (99.80 प्रतिशत) को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह का सबसे विशेष क्षण तब आया जब शीलिंग हाउस स्कूल, कानपुर नगर के ओजस्वित पसरीचा को 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। गाजियाबाद के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के दक्ष वासुदेवा और प्रिसीडियम इंदिरापुरम के अश्विक जैन को भी सम्मानित किया गया। दोनों विद्यार्थियों ने 99.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया। वहीं बरेली के चिकर इंटरनेशनल स्कूल की मानवी पटेल को 99.66 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर सम्मान मिला। प्रदेश स्तर पर शीर्ष 10 स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को एक लाख रुपये, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए गए। वहीं जनपद स्तर पर टॉप-10 में स्थान बनाने वाले 1459 मेधावी विद्यार्थियों को 21 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया जा रहा है।

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