हरिद्वार। उधारी न चुकाने के मामले में एसीजेएम विभा यादव ने आरोपी सिद्धार्थ जैन को तीन माह के कारावास व तीन लाख 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
ज्वालापुर निवासी शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने एक चेक बाउंस का केस दायर कर बताया कि माह मई 2023 में उनके परिचित सिद्धार्थ जैन पुत्र प्रद्युम्न कुमार निवासी मोहल्ला चौहानान ज्वालापुर ने व्यापारिक जरूरतों के लिए पांच लाख रुपये की मांग की थी।
जिसपर शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने अपने बैंक खाते से तीन लाख रुपये सिद्धार्थ को उधार दिए थे। पैसे लौटाने की एवज में सिद्धार्थ जैन ने बैंक खाते का तीन लाख रुपये का एक चैक भरकर सौंपा था।
जब धर्मेंद्र ने उक्त चैक को भुगतान के लिए अपने बैंक खाते में लगाया, तो बैंक ने सिद्धार्थ जैन के खाते में अपर्याप्त राशि होने की टिप्पणी के साथ वापस कर दिया था।
कानूनी नोटिस भिजवाने के बाद भी सिद्धार्थ जैन ने राशि नहीं लौटाई थी। थक हारकर शिकायतकर्ता धर्मेंद्र ने कोर्ट की शरण ली थी।
कोर्ट ने जुर्माने की राशि में से तीन लाख 35 हजार रुपये शिकायतकर्ता को प्रतिकर के रूप में देने व जुर्माना राशि से पांच हजार रुपये सरकारी खाते में जमा करने के आदेश दिए हैं।

