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10 हजार की रिश्वत लेते रिकवरी एजेंट गिरफ्तार, शिकायत पर विजिलेंस ने बिछाया जाल
July 8, 2026
Updated: July 8, 2026
ByTBN Desk
लुधियाना। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में जारी भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर सेवियर रिकवरी एजेंसी के एक शातिर रिकवरी एजेंट रवनीत सिंह को दस हजार रुपये की रिश्वत की दूसरी किस्त लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। यह पूरी कार्रवाई कबीर नगर के एक स्थानीय कपड़ा फैक्टरी मालिक की गुप्त शिकायत पर अमल में लाई गई है। गिरफ्तार आरोपी खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर बैंक लोन के मामले में राहत दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था।
लोन चुकता न होने पर कोर्ट में चल रहा था मामला
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि एक कपड़ा फैक्टरी के ऋण से जुड़ी हुई है। शिकायतकर्ता वर्ष 2007 से जीएनडब्ल्यू के नाम से एक कपड़ा उद्योग का संचालन कर रहा है, जिसने अपनी व्यावसायिक जरूरतों के लिए आईडीबीआई (IDBI) बैंक से चालीस लाख रुपये का लोन लिया था। समय पर भुगतान न होने के कारण यह पूरा मामला फिलहाल चंडीगढ़ स्थित ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) के समक्ष विचाराधीन है। इसी कानूनी प्रक्रिया के बीच आरोपी एजेंट ने शिकायतकर्ता की मजबूरी का फायदा उठाने की साजिश रची।
फर्जी सरकारी कर्मचारी बनकर डराया और साठ हजार की घूस मांगी
बीते 25 मई 2026 को आरोपी रवनीत सिंह ने खुद को तहसील पूर्वी कार्यालय का एक बड़ा कर्मचारी बताते हुए शिकायतकर्ता से संपर्क साधा था। उसने फैक्टरी मालिक को डराते हुए कहा कि आईडीबीआई बैंक आगामी 28 मई 2026 को उसकी पूरी संपत्ति को सील कर उस पर कब्जा करने जा रहा है। रवनीत ने झांसा दिया कि अगर वह साठ हजार रुपये की रिश्वत दे, तो वह अपने प्रभाव से बैंक के कब्जे की कार्रवाई को रुकवा देगा और लोन के निपटारे के लिए अदालत से तीन महीने का अतिरिक्त समय भी दिलवा देगा।
ऑडियो रिकॉर्डिंग से खुली पोल और रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी
शिकायतकर्ता को आरोपी की नीयत पर शक हुआ, जिसके बाद उसने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए रिश्वत की मांग से जुड़ी पूरी बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। आरोपी इससे पहले बीस हजार रुपये की पहली किस्त वसूल चुका था और बुधवार को दस हजार रुपये की दूसरी किस्त लेने कबीर नगर पहुंचा था। इसी बीच शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो को सतर्क कर दिया, जिसने दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाकर रवनीत सिंह को केमिकल लगे नोटों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
रिकवरी एजेंसी का एजेंट निकला आरोपी और विजिलेंस ने दर्ज किया केस
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी रवनीत सिंह वास्तव में तहसील पूर्वी का कोई कर्मचारी नहीं था, बल्कि वह सेवियर रिकवरी एजेंसी के लिए काम करने वाला एक प्राइवेट एजेंट था जो फर्जी पहचान बताकर ठगी कर रहा था। विजिलेंस ब्यूरो के लुधियाना थाना में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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