The Bharatnow
The Bharatnow
Thursday, July 9, 2026
The Bharatnow
The Bharatnow
Search
देवशयनी एकादशी से बंद हो जाते हैं मांगलिक कार्य, कितने महीने शादी-विवाह पर रोक?
July 8, 2026
Updated: July 8, 2026
ByTBN Desk
चातुर्मास के शुरुआती में होने वाली एकादशी बेहद ही खास होती है. ज्योतिष गणना के अनुसार एक संवत में कुल 24 एकादशियों का आगमन मानव कल्याण के लिए होता है. एक संवत में होने वाली सभी एकादशियों का अपना-अपना महत्व है लेकिन आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की एकादशी एक विशेष तिथि होती है. पंचांग के अनुसार इस तिथि से कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तक सभी मांगलिक कार्यों पर पूर्ण रूप से रोक लग जाती है. चातुर्मास की शुरुआत आषाढ़ से होती है जबकि जो आषाढ़ के बाद श्रावण मास, भाद्रपद मास और आश्विन मास की पूर्णिमा तक रहती है. मांगलिक कार्यों की शुरुआत कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी से होती है.
सृष्टि का संचालन करते हैं भगवान शिव
आषाढ़ मास से शुरू होने वाले चातुर्मास के चार महीने और कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तक पूरी सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं. हरिद्वार के पंडित श्रीधर शास्त्री लोकल 18 से बताते हैं कि आषाढ़ मास के शुरू होते ही मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं. आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी का आगमन होता है, जिसका अपना ही महत्व बताया गया है. इस दिन विष्णु भगवान की आराधना, पूजा पाठ और सहस्त्रनाम का पाठ करने पर लाभ की प्राप्ति होती है.
लगेगा दोष, नहीं उपाय
पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि ज्योतिषी गणना के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी यानी हरिशयनी एकादशी से भगवान विष्णु माता लक्ष्मी के साथ क्षीर सागर में विश्राम करने के लिए चले जाते हैं. सभी देव भी सो जाते हैं. इस दौरान पंचांग में मांगलिक कार्यों और शुभ कार्यों का कोई मुहूर्त नहीं होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विष्णु भगवान और सभी देव चार महीने विश्राम करने के बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी यानी हरि प्रबोधिनी एकादशी को लौट आते हैं. इसी दिन से मांगलिक कार्यों की एक बार फिर से शुरुआत हो जाती है. इस अवधि में भगवान शिव ही पूरी सृष्टि का संचालन करते हैं. देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक शादी विवाह (विवाह संस्कार), मुंडन संस्कार, नूतन गृह प्रवेश, नींव पूजा, वाहन खरीदना, बड़ी पूजा आदि सभी पर रोक रहती है. इस समय में यह सभी कार्य करने से दोष लगता है, जिसका समाधान उपाय करने के बाद भी नहीं होता है.
- Tags
The Bharatnow
