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पाकिस्तान ने ईरान के लिए खोला ट्रांजिट रूट,कराची और ग्वादर पोर्ट से गुजरेगा सामान,6 रास्तों को मंजूरी

पाकिस्तान ने ईरान के लिए खोला ट्रांजिट रूट,कराची और ग्वादर पोर्ट से गुजरेगा सामान,6 रास्तों को मंजूरी

Pakistan Transit Route : इस्लामाबाद- क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान सरकार ने ईरान के लिए अपने क्षेत्र से माल के पारगमन (ट्रांजिट) को औपचारिक मंजूरी दे दी है.

वाणिज्य मंत्रालय ने हाल ही में "Transit of Goods through Territory of Pakistan Order 2026" जारी किया है. इस आदेश के बाद अब तीसरे देशों से आने वाला सामान पाकिस्तानी बंदरगाहों के जरिए सड़क मार्ग से ईरान पहुँच सकेंगे.

Pakistan Transit Route छ होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का असर !

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ब्लॉकेड जैसी स्थिति बनी हुई है. इस समुद्री रास्ते पर प्रतिबंधों के कारण ईरानी बंदरगाहों पर सामान की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. इसी के चलते कराची पोर्ट पर ईरान जाने वाले 3000 से ज्यादा कंटेनर फंस गए थे. नई व्यवस्था से इन फंसे हुए कंटेनरों को निकालने और भविष्य में सुचारू व्यापार का रास्ता साफ होगा.

छह प्रमुख ट्रांजिट रूट्स की पहचान

पाकिस्तान ने बलूचिस्तान से होकर गुजरने वाले छह लैंड रूट्स को अधिसूचित किया है, जो गबद या ताफ्तान बॉर्डर पर समाप्त होते हैं:

  1. ग्वादर - गबद: यह सबसे छोटा और तेज रूट है, जहाँ ग्वादर से ईरान सीमा तक पहुँचने में मात्र 2-3 घंटे लगते हैं.

  2. कराची/पोर्ट कासिम - लियारी - ओरमारा - बसनी - गबद

  3. कराची/पोर्ट कासिम - खुजदार - दलबंदीन - ताफ्तान

  4. ग्वादर - ट्रबट - पंजगुर - खुजदार - क्वेटा - ताफ्तान

  5. ग्वादर - लियारी - खुजदार - क्वेटा - दलबंदीन - ताफ्तान

  6. कराची/पोर्ट कासिम - ग्वादर - गबद

यह पूरा परिवहन कस्टम्स एक्ट 1969 और FBR के नियमों के तहत होगा. साथ ही, TIR (Transports Internationaux Routiers) कन्वेंशन के तहत सील्ड ट्रकों को आसानी से गुजरने की अनुमति दी जाएगी.

ग्वादर पोर्ट का बढ़ता महत्व

इस आदेश की सबसे महत्वपूर्ण बात ग्वादर पोर्ट को पहली बार औपचारिक रूप से ट्रांजिट ट्रेड के लिए डिजाइनेट करना है. ग्वादर-गबद रूट पारंपरिक कराची रूट की तुलना में 87% कम समय लेता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्वादर एक 'रीजनल ट्रांजिट हब' के रूप में उभरेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र को भी भारी फायदा होगा.

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

यह कदम केवल माल की आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके व्यापक आर्थिक निहितार्थ हैं:

  • विदेशी मुद्रा की कमाई: पाकिस्तान को ट्रांजिट फीस, पोर्ट हैंडलिंग और लॉजिस्टिक्स के जरिए कीमती विदेशी मुद्रा कमाने का मौका मिलेगा.

  • CPEC को मजबूती: यह कदम चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़े ग्वादर पोर्ट की उपयोगिता को और बढ़ाएगा.

  • मध्य एशिया तक पहुँच: भविष्य में इस रूट का विस्तार पाकिस्तान-ईरान-मध्य एशिया त्रिपक्षीय व्यापार को बढ़ावा दे सकता है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.

वर्तमान में यह व्यवस्था मुख्य रूप से ईरान को सामान पहुँचाने (Import to Iran) पर केंद्रित है, जिसे कड़ी सुरक्षा और कस्टम्स जांच के साथ लागू किया जा रहा है.

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