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साइबर ठगों पर आरबीआई का डिजिटल प्रहार: सुरक्षित डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए तैयार हो रहा 'AI कवच'

साइबर ठगों पर आरबीआई का डिजिटल प्रहार: सुरक्षित डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए तैयार हो रहा 'AI कवच'

नई दिल्ली | भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) डिजिटल लेन-देन को अधिक सुरक्षित बनाने और बैंकिंग कामकाज को आसान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। इसके तहत एक एडवांस और एकीकृत एआई प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है, जो सुरक्षित डेटा मैनेजमेंट से लेकर केंद्रीय बैंकिंग के बड़े और छोटे भाषाई मॉडलों पर आधारित समाधान देगा।

इस नई पहल के तहत विभिन्न पोर्टलों को एक साथ जोड़ने के लिए एक कॉमन वर्क पोर्टल भी तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, भारत बैंकिंग सिस्टम के लिए विशेष डोमेन (bank.in) अनिवार्य करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है, जिससे वित्तीय सेवाओं में सुरक्षा और भरोसा मजबूत होगा।

डिजिटल भुगतान सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी पर कड़ा प्रहार

आरबीआई संदिग्ध लेन-देन की तत्काल पहचान करने के लिए एक 'डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' तैयार कर रहा है। 'पेमेंट विजन दो हजार अठ्ठाइस' (पेमेंट विजन 2028) के तहत पूरे डिजिटल भुगतान तंत्र को अपग्रेड किया जाएगा। आने वाले समय में उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के हिसाब से विभिन्न डिजिटल भुगतान माध्यमों को चालू या बंद (एनेबल/डिसेबल) करने का अधिकार मिलेगा। इसके अतिरिक्त, साइबर जोखिमों को कम करने के लिए एक साझा जिम्मेदारी का ढांचा बनेगा, जिसके तहत किसी भी गड़बड़ी के लिए ग्राहक और लाभार्थी दोनों के बैंक उत्तरदायी माने जाएंगे।

नवाचार को बढ़ावा और मजबूत साइबर सुरक्षा की नई व्यवस्था

बैंकिंग प्रणाली में आधुनिक बदलावों के तहत अब इलेक्ट्रॉनिक चेक शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं, साथ ही कार्ड पेमेंट्स में नए प्रयोगों को बढ़ावा दिया जाएगा। डिजिटल लेन-देन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली वित्तीय और बैंकिंग संस्थाओं को पूरी तरह से नियमों के दायरे में लाया जाएगा। इसके अलावा, गैर-बैंकिंग भुगतान ऑपरेटरों के लिए साइबर रिस्क इंडिकेटर्स का ढांचा लागू होगा। साइबर हमलों से निपटने के लिए एडवांस थ्रेट हंटिंग प्लेटफॉर्म लगाए जाएंगे और डिजिटल भुगतानों को सुरक्षित रूप से बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

वैश्विक स्तर पर यूपीआई और रुपे कार्ड का विस्तार

भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली का परचम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लहरा रहा है। वर्तमान में यूपीआई (UPI) आधारित क्यूआर कोड से भुगतान करने की सुविधा भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों में सफलतापूर्वक चल रही है। इस दायरे को और बढ़ाते हुए अब नामीबिया और पेरू में भी यूपीआई आधारित सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, मॉरीशस और संयुक्त अरब अमीरात में भारत के घरेलू रुपे कार्ड (RuPay Card) नेटवर्क को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है, जिससे भारतीय यात्रियों और वहां के नागरिकों को भुगतान में काफी आसानी हो रही है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: The Bharat Now