Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story

थाईलैंड में बलिया के अभिज्ञान का कमाल, स्केटिंग में दो पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान

The Bharatnow

The Bharatnow

Saturday, July 4, 2026

The Bharatnow

The Bharatnow

Search

थाईलैंड में बलिया के अभिज्ञान का कमाल, स्केटिंग में दो पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान

July 3, 2026

Updated: July 3, 2026

ByTBN Desk

बलिया: उत्तर प्रदेश के जनपद बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र अंतर्गत तेंनुवा गांव से एक बेहद गौरवशाली और हर्षित करने वाली खबर सामने आई है। क्षेत्र के एक होनहार और उभरते हुए बाल खिलाड़ी अभिज्ञान शेखर सिंह ने अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए न सिर्फ बलिया जिले का बल्कि पूरे देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया है। थाईलैंड में आयोजित प्रतिष्ठित इंडो-थाई इंटरनेशनल स्केटिंग चैंपियनशिप-2026 में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अभिज्ञान ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इस चैंपियनशिप की 500 मीटर स्केटिंग रेस में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक (Gold Medal) पर कब्जा जमाया, जबकि 1000 मीटर की कड़ी रेस में अपनी रफ्तार का जलवा दिखाते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतकर भारत का तिरंगा अंतरराष्ट्रीय धरती पर गर्व से ऊंचा कर दिया।

वरिष्ठ पत्रकार के पुत्र हैं अभिज्ञान, नोएडा में पढ़ाई के साथ खेल के मैदान में बहा रहे पसीना

अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को पदक दिलाने वाले अभिज्ञान शेखर सिंह मूल रूप से बलिया के तेंनुवा गांव के निवासी हैं। वे क्षेत्र के प्रतिष्ठित व वरिष्ठ पत्रकार शशांक शेखर सिंह के सुपुत्र हैं। अभिज्ञान वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर के नोएडा स्थित नामी 'लोटस वैली इंटरनेशनल स्कूल' में कक्षा सातवीं के छात्र हैं।

अभिज्ञान ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में पक्का इरादा हो तो पढ़ाई और खेल दोनों में एक साथ संतुलन बनाकर शीर्ष मुकाम हासिल किया जा सकता है। स्कूल की कठिन पढ़ाई के साथ-साथ स्केटिंग रिंक पर नियमित रूप से घंटों कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और अटूट अनुशासन के बल पर ही उन्होंने इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी प्रतिभा का परचम लहराने में सफलता पाई है।

बचपन से ही था स्केटिंग का जुनून, पिता ने साझा किया सफलता का मूलमंत्र

अभिज्ञान की इस ऐतिहासिक और अविस्मरणीय जीत पर उनके पिता शशांक शेखर सिंह ने बेहद भावुक होते हुए अपनी खुशी साझा की। उन्होंने बताया कि अभिज्ञान को बचपन से ही सामान्य खेलों के बजाय रोलर स्केटिंग में बेहद गहरी और असाधारण रुचि थी। जब वह बहुत छोटा था, तभी से उसने स्केटिंग शूज पहनकर अपनी रफ्तार को धार देना शुरू कर दिया था।

राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखा चुके हैं दम: अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में जाने से पहले भी अभिज्ञान ने देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय (National) और क्षेत्रीय (Regional) स्केटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था और वहां भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई मेडल अपने नाम किए थे। पिता ने बताया कि लगातार कड़े अनुशासन में रहना, सुबह-शाम स्केटिंग ट्रैक पर पसीना बहाना और अपने पेशेवर कोचों के कुशल मार्गदर्शन व आधुनिक तकनीकों को अपनाना ही उसकी इस बड़ी सफलता का मूलमंत्र रहा है, जिसने उसे आज इस अंतरराष्ट्रीय मुकाम तक पहुंचाया है।

तेंनुवा गांव सहित पूरे सिकंदरपुर क्षेत्र में बंटी मिठाइयां, युवाओं के लिए बने रोल मॉडल

थाईलैंड की धरती से जैसे ही अभिज्ञान द्वारा भारत के लिए गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीतने की आधिकारिक खबर बलिया पहुंची, वैसे ही उनके पैतृक गांव तेंनुवा सहित पूरे सिकंदरपुर और नवानगर क्षेत्र में खुशी की एक जबरदस्त लहर दौड़ गई। इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाने के लिए स्थानीय ग्रामीण, खेल प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता और उनके शुभचिंतक भारी संख्या में उनके निवास स्थान पर एकत्रित होने लगे।

  • मिठाई बांटकर मनाया जश्न: ग्रामीणों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाया और पूरे बाजार में मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। इसके साथ ही सभी ने अभिज्ञान के स्वर्णिम और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की।

  • ग्रामीणों का बढ़ा मान: क्षेत्र के बुजुर्गों और प्रबुद्ध जनों का कहना है कि अभिज्ञान ने आज वैश्विक मंच पर यह पूरी तरह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या सुख-सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। देश के छोटे-छोटे गांवों और कस्बों में रहने वाले बच्चों के भीतर भी वह क्षमता है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर दुनिया के बड़े-बड़े एथलीटों को धूल चटा सकते हैं और देश का मस्तक ऊंचा कर सकते हैं।

अभिज्ञान शेखर सिंह की यह शानदार और अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि आज बलिया जिले और पूरे उत्तर प्रदेश के हजारों ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बहुत बड़ा स्रोत बन गई है। स्थानीय खेल संघों ने भी जिला प्रशासन से मांग की है कि अभिज्ञान के वतन वापस लौटने पर उनका जिला मुख्यालय पर एक भव्य और ऐतिहासिक नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाए, ताकि अन्य बच्चों में भी खेलों के प्रति उत्साह पैदा हो सके।

  • Tags

The Bharatnow

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: The Bharat Now