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बंगाल में 15 बूथों पर फिर होगी वोटिंग, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, जानिए कब होगा मतदान?

बंगाल में 15 बूथों पर फिर होगी वोटिंग, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, जानिए कब होगा मतदान?

श्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बाद चुनाव आयोग (EC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान मिली शिकायतों और अधिकारियों की रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद, आयोग ने शुक्रवार को राज्य के 15 पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा मतदान (Repolling) कराने का आदेश दिया है।

यह पुनर्मतदान 2 मई को होगा, जो 4 मई को होने वाली मतगणना से ठीक दो दिन पहले का समय है।

आयोग का फैसला और प्रभावित क्षेत्र

चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि 29 अप्रैल को इन 15 बूथों पर हुई वोटिंग को 'शून्य' (Void) घोषित कर दिया गया है। आयोग ने यह फैसला रिटर्निंग ऑफिसर्स और चुनाव पर्यवेक्षकों (Observers) द्वारा सौंपी गई फील्ड रिपोर्ट के आधार पर लिया है।

जिन 15 बूथों पर दोबारा वोट डाले जाएंगे, उनमें से सबसे अधिक 11 बूथ मगरहाट पश्चिम (Magarhat Paschim) विधानसभा क्षेत्र में हैं। इसके अलावा, दक्षिण 24 परगना जिले के ही डायमंड हार्बर (Diamond Harbour) निर्वाचन क्षेत्र के 4 बूथों पर भी दोबारा मतदान होगा। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है।

फालता पर सस्पेंस बरकरार

जबकि 15 बूथों के लिए आदेश जारी हो चुका है, दक्षिण 24 परगना के ही फालता (Falta) विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों पर अभी फैसला होना बाकी है। अधिकारियों के अनुसार, मतदान के दिन फालता से बड़ी संख्या में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं, जिनकी रिपोर्ट का आयोग अभी भी इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद वहां भी पुनर्मतदान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

यह 2026 के विधानसभा चुनावों (पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी) के मौजूदा दौर में पुनर्मतदान का पहला मामला है। इससे पहले 23 अप्रैल को हुए बंगाल के पहले चरण के मतदान के बाद कहीं भी दोबारा वोटिंग की सिफारिश नहीं की गई थी।

सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर

इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने मतगणना केंद्रों पर धांधली के आरोपों को खारिज किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर स्ट्रांग रूम दौरे और उनके द्वारा जताई गई सुरक्षा संबंधी चिंताओं के जवाब में अग्रवाल ने कहा कि सभी स्ट्रांग रूम सीसीटीवी (CCTV) की चौबीसों घंटे निगरानी में हैं और वहां सुरक्षा की कई परतें मौजूद हैं।

कोलकाता के प्रमुख मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की अतिरिक्त टुकड़ियां और सशस्त्र पुलिस बल तैनात किए गए हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त रूपेश कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी उच्च स्तरीय अधिकारी कर रहे हैं और किसी भी अनधिकृत गतिविधि की कोई गुंजाइश नहीं है।

ममता बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया में किसी भी तरह के हस्तक्षेप के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है, जबकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि अधिकारी तय प्रक्रियाओं का ही पालन कर रहे हैं। 2 मई को होने वाला यह पुनर्मतदान बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इसके तुरंत बाद 4 मई को राज्य की सत्ता का भविष्य तय करने वाले नतीजे सामने आएंगे।

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