2026 के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल (Exit Polls) सामने आ चुके हैं, और हर बार की तरह इस बार भी अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के आंकड़े एक-दूसरे को काट रहे हैं। कहीं किसी दल की एकतरफा जीत दिखाई जा रही है, तो कहीं मुकाबला बेहद कड़ा बताया जा रहा है।
भारतीय मतदाताओं के जटिल व्यवहार और चुनावी विज्ञान (Psephology) की सीमाओं को लेकर 'द फेडरल' (The Federal) के एडिटर-इन-चीफ एस. श्रीनिवासन ने अपने विशेष कार्यक्रम 'टॉकिंग सेंस विद श्रीनि' (Talking Sense With Srini) में गहरी चर्चा की। उन्होंने चेतावनी दी कि केवल हेडलाइन में दिखने वाले नंबरों पर भरोसा करना जल्दबाजी होगी।
तमिलनाडु: विजय फैक्टर और 'तीसरी शक्ति' का सस्पेंस
तमिलनाडु की राजनीति में इस बार सबसे बड़ा चर्चा का विषय अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) का प्रदर्शन है। कुछ एग्जिट पोल ने विजय को चौंकाने वाली जीत का दावेदार बताया है, जबकि अधिकांश पोल अभी भी सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) की वापसी का संकेत दे रहे हैं। श्रीनिवासन ने उन आंकड़ों को "अत्यंत असंभव परिदृश्य" (Unlikely scenario) करार दिया, जो विजय की पार्टी की एकतरफा जीत दिखा रहे हैं।
उनका तर्क है कि द्रविड़ राजनीति की संरचना और कैडर-आधारित पकड़ इतनी कमजोर नहीं है कि उसे रातों-रात खत्म किया जा सके। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या हम यह कह रहे हैं कि दशकों की कैडर-आधारित राजनीति... किसी अभिनेता के कुछ दौरों से मिट गई?"। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि युवाओं के बीच विजय की भारी लोकप्रियता है और वे एक 'तीसरी शक्ति' के रूप में उभर सकते हैं, लेकिन संगठन की गहराई और अभियान की सीमित पहुंच को देखते हुए, वर्तमान चुनाव में कोई बहुत बड़ा 'चमत्कार' होना मुश्किल लगता है।

