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कराज हमले के बाद ईरान ने पश्चिम एशिया के 8 प्रमुख पुलों की 'हिट लिस्ट' जारी की

कराज हमले के बाद ईरान ने पश्चिम एशिया के 8 प्रमुख पुलों की 'हिट लिस्ट' जारी की

राज में अपने अहम पुल के नष्ट होने के जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया के कई प्रमुख पुलों को संभावित हमलों के लक्ष्य के रूप में सूचीबद्ध किया है। इसे एक तरह की चेतावनी माना जा रहा है।

गुरुवार (2 अप्रैल) को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त हमले में कराज स्थित बी1 ब्रिज को तबाह कर दिया था।

अर्ध-सरकारी Fars News Agency के मुताबिक, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के आठ प्रमुख पुल संभावित हमलों के निशाने पर हो सकते हैं।

संभावित लक्ष्य

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरानी मीडिया द्वारा जिन पुलों को चिन्हित किया गया है, वे हैं:

* शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह सी ब्रिज (कुवैत) - 36 किमी लंबा यह पुल देश के उत्तरी हिस्से के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी देता है।

* किंग फहद कॉजवे (सऊदी अरब-बहरीन) - सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला एकमात्र स्थायी सड़क संपर्क, जो व्यापार और अमेरिकी नौसेना की गतिविधियों के लिए अहम है।

* शेख जायद ब्रिज (अबू धाबी) - मुख्य द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला प्रमुख पुल।

* शेख खलीफा ब्रिज (अबू धाबी) - 10 लेन का महत्वपूर्ण हाईवे ब्रिज, जो सादियात द्वीप को जोड़ता है।

* अल मकता ब्रिज - अबू धाबी का पहला स्थायी पुल, जो मुख्य भूमि और द्वीप को जोड़ता है।

* किंग हुसैन ब्रिज (एलेनबी ब्रिज) - जॉर्डन और वेस्ट बैंक के बीच प्रमुख क्रॉसिंग।

* दमिया ब्रिज (एडम ब्रिज) - जॉर्डन और वेस्ट बैंक को जोड़ने वाला एक और रणनीतिक पुल।

* अब्दौन ब्रिज - जॉर्डन की राजधानी अम्मान में स्थित प्रमुख केबल-स्टे ब्रिज।

सबसे ऊंचा पुल तबाह

अमेरिका और इजराइल ने उत्तरी ईरान में बी1 ब्रिज पर दो हवाई हमले किए, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और पुल पूरी तरह नष्ट हो गया।

136 मीटर ऊंचा यह पुल ईरान का सबसे ऊंचा पुल माना जाता था और यह राजधानी तेहरान को अल्बोर्ज प्रांत के कराज शहर से जोड़ता था।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हमले के बाद पुल का मध्य हिस्सा गिरता हुआ देखा गया।

ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर धुआं उठते पुल का वीडियो साझा करते हुए लिखा, "ईरान का सबसे बड़ा पुल गिर चुका है, अब इसका कभी इस्तेमाल नहीं होगा-आगे और भी होगा! ईरान के पास समझौता करने का समय है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।"

बढ़ता क्षेत्रीय तनाव

यह हमला 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान के बाद बढ़े क्षेत्रीय तनाव के बीच हुआ है। इसके जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए इजराइल, जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।

इस घटनाक्रम के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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