Short: पंजाब कांग्रेस में All is well की कोशिशें एक बार फिर हवा-हवाई साबित हो रही हैं और कुर्सी की ये जंग अब 'एक अनार सौ बीमार' जैसी हो गई है! आलाकमान ने राजा वारिंग को अध्यक्ष बनाए रखकर पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को जैसे-तैसे कमेटियों का लॉलीपॉप देकर शांत तो किया, लेकिन चन्नी की नाराजगी अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब दिग्गज सांसद मनीष तिवारी ने बगावती तेवर दिखा दिए हैं।
दरअसल, पंजाब के 66 नेताओं से फीडबैक लेने वाले पैनल ने मनीष तिवारी से बात तक करना जरूरी नहीं समझा, जिससे भड़के तिवारी ने सोशल मीडिया पर लिख दिया कि 'काश मेरे पास लोगों की असुरक्षा की कोई दवा होती!' इधर चन्नी को रोकने के लिए जाट-सिख नेताओं ने हाथ मिला लिया है, तो दूसरी तरफ असली पेच इस बात पर फंसा है कि क्या मौजूदा लोकसभा सांसदों को अगले साल विधानसभा चुनाव का टिकट मिलेगा या नहीं? साफ है कि साल 2022 की शर्मनाक हार से कांग्रेस ने कोई सबक नहीं सीखा है और अंदरूनी कलह का ये नया बवंडर जल्द ही पंजाब कांग्रेस के कुनबे को एक बार फिर हिलाकर रख देगा!

