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ट्रंप का वेनेजुएला तेल सौदा: दुनिया का सबसे बड़े सौदे का दावा!

ट्रंप का वेनेजुएला तेल सौदा: दुनिया का सबसे बड़े सौदे का दावा!

US Biggest Oil Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ एक ऐतिहासिक समझौते की घोषणा करते हुए दावा किया है कि अमेरिका अब दक्षिण अमेरिकी देश के 65 अरब बैरल तेल भंडार को नियंत्रित करेगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे "दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील" करार दिया है।

यह समझौता अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच बातचीत के बाद सामने आया है। इस डील के साथ ही वेनेजुएला में दो दशकों से चले आ रहे समाजवादी नियंत्रण और राष्ट्रीयकरण की नीतियों को पलटते हुए तेल क्षेत्र के निजीकरण का रास्ता साफ कर दिया गया है।

अमेरिका वेनेजुएला के जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर को कैसे सुधारेगा?

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चा तेल भंडार (लगभग 303 अरब बैरल) है, जो वैश्विक आपूर्ति का 17% है। हालांकि, दशकों के कुप्रबंधन, रखरखाव में कमी और अवसंरचना (Infrastructure) की तबाही के कारण यह देश वर्तमान में वैश्विक तेल उत्पादन का महज 1% ही निकाल पाता है।

जमीन में मौजूद इस विशाल तेल को बाजार तक लाने के लिए अमेरिकी रणनीति के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

$100 अरब के निजी निवेश का रोडमैप:

विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार, यह समझौता अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय निजी कंपनियों के माध्यम से वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में 100 अरब डॉलर का निजी पूंजी निवेश आकर्षित करेगा।

निजीकरण और कानून में संशोधन:

अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने एक नया कानून पारित किया है जो विदेशी और निजी कंपनियों को तेल निष्कर्षण (Extraction) और रिफाइनिंग में स्वामित्व व संचालन का अधिकार देता है। यह पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ द्वारा किए गए राष्ट्रीयकरण को पूरी तरह उलट देता है।

अमेरिकी ऑयल दिग्गजों की वापसी:

ट्रंप प्रशासन एक्सॉनमोबिल जैसी बड़ी अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों को दोबारा वेनेजुएला में अपने प्लांट, पाइपलाइन और रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए आमंत्रित कर रहा है।

ट्रंप के लिए क्यों जरूरी था यह सौदा?

ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट:

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के छह महीने पूरे होने के साथ ही 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से तेल की आवाजाही ठप पड़ गई है, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता था।

अमेरिका में गैसोलीन के दाम और स्ट्रेटेजिक रिजर्व:

ईरान संकट के चलते अमेरिका में पेट्रोल (गैस) के दाम $4.09 प्रति गैलन तक पहुंच चुके हैं (जो पिछले साल $3.21 थे)। वहीं, अमेरिका का स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) घटकर 300 मिलियन बैरल से नीचे चला गया है।

वेस्टर्न हेमिसफियर में ऊर्जा सुरक्षा:

अमेरिका वेनेजुएला के विशाल भंडार का इस्तेमाल अपने घरेलू ईंधन के दामों को नियंत्रित करने और मध्य पूर्व (Middle East) पर अपनी तेल निर्भरता कम करने के लिए करना चाहता है।

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