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एलओसी के पास बढ़ीं पाकिस्तानी सेना की गतिविधियां, मुजफ्फराबाद पहुंचे सेना प्रमुख आसिम मुनीर; पीओके में विरोध प्रदर्शन तेज

एलओसी के पास बढ़ीं पाकिस्तानी सेना की गतिविधियां, मुजफ्फराबाद पहुंचे सेना प्रमुख आसिम मुनीर; पीओके में विरोध प्रदर्शन तेज

श्रीनगर: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे इलाकों में पाकिस्तानी सेना की गतिविधियां बढ़ने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा और गुरेज (बांदीपोरा) सेक्टर से सटे एथमुकाम डिग्री कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों की मौजूदगी देखी गई है।

इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भी मुजफ्फराबाद पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, एलओसी के निकट स्थित एथमुकाम रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। नीलम (किशनगंगा) नदी के किनारे स्थित यह इलाका मुजफ्फराबाद से करीब 80 किलोमीटर दूर है। भारतीय सीमा के नजदीक इस क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियों को सामान्य नहीं माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, आसिम मुनीर ने गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे मुजफ्फराबाद का दौरा कर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की।

कोटली में प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर कार्रवाई का आरोप

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कोटली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज किया गया, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस घटना में 50 महिलाओं के गंभीर रूप से घायल होने का दावा किया गया है।

बताया गया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत महिलाएं शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रही थीं। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आरोप यह भी है कि महिलाओं को निशाना बनाकर फायरिंग की गई।

आंदोलन में 91 लोगों की मौत का दावा

जम्मू-कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी (जेकेएचआरओ) ने दावा किया है कि आंदोलन के दौरान अब तक 91 लोगों की मौत हो चुकी है। संगठन के अनुसार इनमें से 43 मामलों की पुष्टि की गई है, जबकि चार मामलों का सत्यापन अभी जारी है। इसके अलावा करीब 200 महिलाओं को सेना और पुलिस द्वारा उनके घरों से हिरासत में लेने का भी दावा किया गया है।

गिलगित-बाल्टिस्तान के छात्र संगठन ने दिया समर्थन

यूनाइटेड गिलगित-बाल्टिस्तान स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (यूजीबीएसओ) ने भी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे आंदोलन का समर्थन किया है। संगठन ने जारी बयान में कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान के हजारों छात्रों ने रावलाकोट में शिक्षा प्राप्त की है और आज भी बड़ी संख्या में छात्र वहां अध्ययन कर रहे हैं। संगठन ने आंदोलनकारियों के समर्थन की घोषणा करते हुए पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई का विरोध जताया।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: The Lucknow Tribune