आज के दिन की कहानी: तारीख थी 5 अप्रैल, साल 1930। सूरज की पहली किरण के साथ ही दांडी का तट गूंज उठा। महात्मा गांधी अपने 78 वफादार अनुयायियों के साथ आज दांडी पहुंच चुके हैं। पूरे 24 दिनों का यह लंबा सफर अब अपने पड़ाव पर है।
बापू के चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि एक गजब का आत्मविश्वास है। ये यात्रा महज एक पदयात्रा नहीं, बल्कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जंग थी। इस जंग का हथियार कोई बंदूक नहीं, बल्कि अहिंसा और नमक था। अंग्रेजों ने नमक जैसी बुनियादी चीज पर भारी टैक्स लगा दिया था।
गांधीजी ने इसी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया था। बापू ने नमक जैसे छोटे से हथियार से दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य को चुनौती दी थी। रास्ते के हर गांव में हजारों लोग बापू के स्वागत के लिए उमड़ पड़े थे। आइए, इस ऐतिहासिक दांडी मार्च की पूरी कहानी को एक दिलचस्प किस्से की तरह समझते हैं।
साबरमती से दांडी: 24 दिनों का रोमांचक सफर
ये सफर 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू हुआ था। गांधीजी और उनके साथियों ने 241 मील की लंबी दूरी तय की। रास्ते में पड़ने वाले हर गांव में हजारों लोग उमड़ पड़ते थे। लोग बापू के दर्शन करने और उनका साथ देने के लिए बेताब थे।
बापू हर रोज करीब 10 से 12 मील पैदल चलते थे। शाम को वे गांव वालों को आजादी का मतलब समझाते थे। उन्होंने लोगों से खादी पहनने और छुआछूत मिटाने की अपील की। धीरे-धीरे यह कारवां बढ़ता गया और पूरा देश इस सफर से जुड़ गया।
दांडी पहुंचकर क्या हुआ
साल 1930 की शाम (5 अप्रैल) जब गांधीजी दांडी पहुंचे, तो माहौल देखने लायक था। हजारों की भीड़ ने बापू का स्वागत जयकारों के साथ किया।
बापू (Mahatma Gandhi) ने समुद्र के किनारे पहुंचकर प्रार्थना की और शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार का नमक कानून अब नहीं चलेगा। गांधीजी ने तय किया कि वे अगली सुबह नमक कानून तोड़ेंगे।
गांधीजी ने समुद्र के पानी से नमक बनाकर अंग्रेजों को चुनौती देने की ठानी। ये सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) की बड़ी शुरुआत थी। पूरे देश की नजरें अब कल सुबह होने वाले चमत्कार पर टिकी थीं।
क्यों जरूरी था नमक सत्याग्रह
नमक हर गरीब और अमीर की रसोई की जरूरत है। अंग्रेजों ने इस पर एकाधिकार करके भारतीयों का हक छीना था। गांधीजी जानते थे कि नमक सबको एक साथ जोड़ सकता है। इसीलिए उन्होंने नमक को विरोध का मुख्य प्रतीक बनाया।
इस यात्रा ने भारतीयों के मन से अंग्रेजों का डर निकाल दिया। महिलाओं और युवाओं ने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विदेशी मीडिया ने भी इस यात्रा को प्रमुखता से कवर किया था। इससे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
दांडी मार्च महज एक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय स्वाभिमान की हुंकार थी। इसने अंग्रेजों के मन में खौफ और भारतीयों में आजादी का अटूत विश्वास पैदा कर दिया।
बापू के इस अहिंसक प्रहार ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि एकता और सत्य के सामने दुनिया का सबसे शक्तिशाली साम्राज्य भी घुटने टेक सकता है। नमक सत्याग्रह ने ही उस चिंगारी को जन्म दिया जिसने आगे चलकर ब्रिटिश हुकूमत की जड़ों को पूरी तरह हिलाकर रख दिया।
References Links:
- National Archives of India - Dandi March Records
- Gandhi Heritage Portal - Chronology of 1930
- The Dandi Memorial Official Website
- Ministry of Culture - Salt Satyagraha History
5 अप्रैल की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 5 अप्रैल का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 5 अप्रैल (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1081: एलेक्सियोस आई कोमेनोसो को बीजान्टिन सम्राट बनाया गया और कोमेनियन राजवंश सत्ता में आया।
1566: नीदरलैंड के रईसों ने स्पेनिश इनक्विजिशन को रोकने के लिए गवर्नर मार्गरेट को याचिका सौंपी।
1609: जापानी सेना ने रयूकू द्वीप पर कब्जा कर उसे अपना जागीरदार राज्य बनाने की प्रक्रिया शुरू की।
1722: डच खोजकर्ता जैकब रोगगेन ईस्टर आइलैंड (Easter Island) पहुंचने वाले पहले यूरोपीय बने।
1762: ब्रिटिश सेना ने फ्रांस से ग्रेनाडा और वेस्टइंडीज छीनकर अपना अधिकार जमा लिया।
1764: ग्रेट ब्रिटेन की संसद में विवादास्पद 'चीनी अधिनियम' (Sugar Act) पारित किया गया।
1768: अमेरिका में पहले 'चैंबर ऑफ कॉमर्स' की स्थापना आज ही के दिन हुई थी।
1795: फ्रांस और प्रशिया के बीच ऐतिहासिक 'बासेल की शांति' संधि पर हस्ताक्षर किए गए।
1811: दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में क्रांतिकारी दंगे शुरू हुए।
1847: ब्रिटेन का पहला सार्वजनिक नागरिक पार्क 'बिरकेनहेड पार्क' जनता के लिए खोला गया।
1900: पुरातत्वविदों ने क्रेटोस में 'लिपि बी' (Linear B) वाली मिट्टी की गोलियों की खोज की।
1913: संयुक्त राज्य अमेरिका में आधिकारिक तौर पर फुटबॉल फेडरेशन का गठन किया गया।
1927: अमेरिका के खजाना विभाग के तहत 'निषेध ब्यूरो' (Prohibition Bureau) की स्थापना हुई।
1936: मिसिसिपी के टुपेलो में आए भयंकर बवंडर (F5 टॉरनेडो) ने करीब 436 लोगों की जान ली।
1955: ब्रिटेन के महान प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
1958: कनाडाई टीवी पर लाइव विस्फोट के जरिए पानी के नीचे स्थित 'रिपल रॉक' को नष्ट किया गया।
1964: भारतीय नौसेना ने पहली बार 'राष्ट्रीय समुद्री दिवस' (National Maritime Day) मनाया।
1966: इंडोनेशियाई सेना ने मांग की कि देश को फिर से संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़ना चाहिए।
1971: अपोलो 14 के अंतरिक्ष यात्री एलन शेपर्ड और एडवर्ड मिशेल चंद्रमा पर 4 घंटे तक चले।
1974: मशहूर लेखक स्टीफन किंग ने अपना पहला कालजयी उपन्यास 'कैरी' (Carrie) प्रकाशित किया।
1975: सऊदी अरब के राजा फैजल की आज के दिन हत्या कर दी गई थी।
1991: अंतरिक्ष यान एसटीएस 37 (अटलांटिस 8) को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था।
1992: साराजेवो में गोलीबारी के साथ 'बोस्नियाई युद्ध' और शहर की चार साल लंबी घेराबंदी शुरू हुई।
1993: क्लीवलैंड में 'रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम' का निर्माण कार्य शुरू हुआ।
1994: न्यूयॉर्क में "जैकी मेसन पॉलिटिकली गलत" शो की शुरुआत हुई।
1996: जॉन बॉबिट को लास वेगास में 120 दिनों के लिए घर में नजरबंद (House Arrest) किया गया।
1998: जापान का 'आकाशी काइको ब्रिज' खुला, जो दुनिया का सबसे लंबा सस्पेंशन पुल बना।
1999: इराक ने वियाग्रा पर बैन लगाया और मलेशिया में हेन्ड्रा वायरस के कारण सूअरों को मारा गया।
2009: उत्तर कोरिया ने क्वांगम्योंगसॉन्ग-2 उपग्रह लॉन्च किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई।
2010: अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया की कोयला खदान में हुए विस्फोट में 22 मजदूरों की मौत हुई।
2012: एक चीनी कंपनी ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों के कारण तेल ले जाने वाले टैंकरों का बीमा रोका।
2014: लुपिता न्योंग ओ कॉस्मेटिक ब्रांड 'लैंकोम' की पहली ब्लैक ब्रांड एंबेसडर बनीं।
2015: प्रसिद्ध अमेरिकी अभिनेत्री जूलिया विल्सन का आज ही के दिन निधन हुआ था।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1930: महात्मा गांधी अपने अनुयायियों के साथ 24 दिनों की यात्रा के बाद दांडी तट पर पहुँचे।
1961: भारत सरकार द्वारा प्रायोजित 'इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल लिमिटेड' (IDPL) की स्थापना हुई।
1979: मुंबई में देश के पहले 'भारतीय नौसेना संग्रहालय' की औपचारिक शुरुआत की गई।
2002: भारत, म्यांमार और थाईलैंड के बीच मोरे-मांडले सड़क परियोजना पर अहम सहमति बनी।
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