News In Short
- न्यूनतम वेतन 18,000 से 69,000 करने की मांग।
- OPS बहाली के लिए AINPSEF का जोरदार पक्ष।
- फैमिली यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 करने का प्रस्ताव।
- सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% की मांग।
- हर 5 साल में पेंशन रिवीजन का सुझाव दिया।
News In Detail
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) की दिल्ली में पिछले दिनों अहम बैठक हुई। इसमें ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने OPS बहाली, फिटमेंट फैक्टर 3.83, फैमिली यूनिट 5 और 64 छुट्टियों की मांग रखी। AINPSEF के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने यह जानकारी दी।
8वां वेतन आयोग: दिल्ली मीटिंग
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) की बैठक दिल्ली में हुई। यह बैठक 28, 29 और 30 अप्रैल को आयोजित की गई।
इसमें NC-JCM सहित कई कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने अपनी बात रखी। 30 अप्रैल को AINPSEF ने अपनी मांगों के साथ आयोग के सामने प्रेजेंटेशन दिया। आयोग के सदस्य सचिव पंकज जैन और अंशकालिक सदस्य पुलक घोष भी मौजूद रहे।
AINPSEF ने रखी ये 3 प्रमुख मांगें
AINPSEF के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. मंजीत सिंह पटेल (Dr. Manjeet Singh Patel) ने बताया कि संगठन ने तीन मुख्य मुद्दों पर विशेष जोर दिया। पहली मांग पुरानी पेंशन योजना (OPS Restoration) की बहाली की है। दूसरी मांग केंद्र शासित प्रदेशों में समान व्यवस्था लागू करने की है। तीसरी मांग शिक्षकों के सेवा नियमों में समानता की है।
OPS बहाली की अहम मांग
AINPSEF ने 8th Pay Commission के सामने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्ष 2003 के बाद सेवा में आए सभी NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) का लाभ मिले।
साथ ही कर्मचारी अंशदान पर GPF यानी सामान्य भविष्य निधि (General Provident Fund) के समान सुविधा दी जाए। यह मांग लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के भविष्य से सीधे जुड़ी है।
फिटमेंट फैक्टर और वेतन वृद्धि
NC-JCM ने 3.83 का फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) प्रस्तावित किया है। AINPSEF ने इस पर सहमति जताई है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपए है।
NC-JCM ने इसे सीधे 69,000 रुपए करने का प्रस्ताव रखा है। यह लगभग 283 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। अधिकतम वेतन 2,15,000 रुपए रखने का सुझाव भी दिया गया है। इसके अलावा सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment) को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग है।
फैमिली यूनिट 3 से 5 हो
सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण मांग यह रखी गई है। फैमिली यूनिट (Family Unit) की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 की जाए। खास बात यह है कि माता-पिता को भी फैमिली यूनिट में शामिल करने की मांग है।
वेतन आयोग के इतिहास में पहली बार पुरुष और महिला की यूनिट वैल्यू में असमानता खत्म करने का प्रस्ताव आया है। दोनों को समान रूप से 1-1 यूनिट देने की मांग रखी गई है।
पेंशन और भत्तों में बड़े बदलाव की मांग
AINPSEF ने पेंशनभोगियों के लिए भी कई अहम मांगें रखी हैं। रिटायरमेंट के समय अंतिम वेतन का 67% पेंशन (Pension) के रूप में मिले। फैमिली पेंशन (Family Pension) को अंतिम वेतन का 50% तय किया जाए।
हर 10 साल की बजाय हर 5 साल में पेंशन रिवीजन (Pension Revision) हो। HRA यानी मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance) को न्यूनतम 30% किया जाए। मेट्रो शहरों के लिए HRA और अधिक रखने की मांग भी की गई है।
64 छुट्टियां और शिक्षक सेवानिवृत्ति
AINPSEF ने सभी कर्मचारियों के लिए समान छुट्टियों (Leave Policy) की मांग रखी है। प्रतिवर्ष 14 आकस्मिक अवकाश (Casual Leave), 20 मेडिकल अवकाश और 30 अर्जित अवकाश (Earned Leave) का प्रावधान हो।
इस तरह कुल 64 छुट्टियां प्रतिवर्ष मिलें। इसके साथ UGC शिक्षकों की तर्ज पर स्कूल शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु भी 65 वर्ष की जाए। लीव एनकैशमेंट की सीमा हटाने का सुझाव भी दिया गया है।
केंद्र शासित प्रदेशों के लिए मांग
AINPSEF ने केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) और स्वायत्त निकायों के लिए भी विशेष व्यवस्था की मांग की है। केंद्र सरकार के सभी आदेश और गजट सीधे इन विभागों पर भी लागू हों। विभागों के बीच इंटर-ट्रांसफर की सुविधा शुरू की जाए।
सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को CGHS यानी केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (Central Government Health Scheme) का विकल्प मिले। एक समयबद्ध पदोन्नति नीति (Time Bound Promotion Policy) भी लागू हो।
8वें वेतन आयोग के तहत भुगतान का मैट्रिक्स...
वेतन मैट्रिक्स स्तर | 7वें सीपीसी का मूल वेतन | 8वें सीपीसी का अनुमानित मूल वेतन |
|---|---|---|
| स्तर 1 | ₹18,000 | ₹21,600 |
| स्तर 2 | ₹19,900 | ₹23,880 |
| स्तर 3 | ₹21,700 | ₹26,040 |
| स्तर 4 | ₹25,500 | ₹30,600 |
| स्तर 5 | ₹29,200 | ₹35,040 |
| स्तर 6 | ₹35,400 | ₹42,480 |
| स्तर 7 | ₹44,900 | ₹53,880 |
| स्तर 8 | ₹47,600 | ₹57,120 |
| स्तर 9 | ₹53,100 | ₹63,720 |
| स्तर 10 | ₹56,100 | ₹67,320 |
| स्तर 11 | ₹67,700 | ₹81,240 |
| स्तर 12 | ₹78,800 | ₹94,560 |
| स्तर 13 | ₹1,23,100 | ₹1,47,720 |
| स्तर 13 ए | ₹1,31,100 | ₹1,57,320 |
| स्तर 14 | ₹1,44,200 | ₹1,73,040 |
| स्तर 15 | ₹1,82,200 | ₹2,18,400 |
| स्तर 16 | ₹2,05,400 | ₹2,46,480 |
| स्तर 17 | ₹2,25,000 | ₹2,70,000 |
| स्तर 18 | ₹2,50,000 | ₹3,00,000 |
FAQ
Q. 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन कितना होने की मांग है? A. 8th Pay Commission की दिल्ली मीटिंग में NC-JCM ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपए से बढ़ाकर सीधे 69,000 रुपए करने का प्रस्ताव रखा है। यह लगभग 283 प्रतिशत की वृद्धि होगी। AINPSEF ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है। इसके अलावा अधिकतम वेतन 2,15,000 रुपए और सालाना इंक्रीमेंट 6% करने की मांग भी रखी गई है। Q. AINPSEF ने 8वें वेतन आयोग से OPS बहाली की मांग क्यों रखी? A. AINPSEF का कहना है कि 2003 के बाद सेवा में आए NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ नहीं मिलता, जबकि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद की सुरक्षा बेहद कमजोर है। संगठन ने 8th Pay Commission के सामने मांग रखी है कि इन सभी कर्मचारियों को OPS की सुविधा दी जाए और कर्मचारी अंशदान पर GPF के समान लाभ मिले। यह मांग लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ी है। Q. 8वें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट को लेकर क्या नया प्रस्ताव है? A. AINPSEF ने 8th Pay Commission के सामने फैमिली यूनिट की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग रखी है। इसमें सबसे खास यह है कि पहली बार माता-पिता को भी फैमिली यूनिट में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही पुरुष और महिला कर्मचारी दोनों को समान रूप से 1-1 यूनिट देने की मांग की गई है, जो वेतन आयोग के इतिहास में एक नई पहल है।
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