समझें क्या है पूरा मामला
- मोहम्मद अबरार मनियार बेटी की शादी में शामिल हुआ।
- उसे गुजरात हाईकोर्ट से तीन दिन की पेरोल मिली।
- गुजरात पुलिस उसे साबरमती जेल से उज्जैन लाई।
- बेगमबाग इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
- निकाह के बाद उसे वापस जेल भेजा गया।
पेरोल पर उज्जैन पहुंचा दोषी
मोहम्मद अबरार मनियार उज्जैन के बेगमबाग इलाके का रहने वाला है। उसकी बेटी का निकाह रविवार को तय था। गुजरात हाईकोर्ट ने उसे तीन दिन की पेरोल दी थी। इसके बाद गुजरात पुलिस की टीम उसे लेकर शनिवार रात उज्जैन पहुंची। टीम में दो एसीपी (ACP – Assistant Commissioner of Police), दो थाना प्रभारी और करीब 21 अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। इतनी बड़ी टीम खुद बताती है कि सुरक्षा कितनी गंभीरता से ली गई।
घर और निकाह स्थल पर कड़ी निगरानी
स्थानीय महाकाल थाना पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर दी गई। घर के आसपास किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही रोक दी गई थी।
निकाह स्थल की पहले अच्छी तरह तलाशी ली गई। इसके बाद ही दोषी को रस्म में शामिल होने दिया गया। घर के बाहर, आसपास की गलियों और छतों तक पर पुलिस बल तैनात रहा।
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर गुजरात पुलिस उसे उज्जैन लाई थी। स्थानीय पुलिस ने भी उसी अनुसार सुरक्षा व्यवस्था की। निकाह पूरा होने के बाद सोमवार सुबह करीब 6 बजे उसे वापस साबरमती जेल भेज दिया गया।
2008 अहमदाबाद ब्लास्ट का दोषी कौन
मोहम्मद अबरार मनियार 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम धमाकों में दोषी करार दिया जा चुका है। वह फिलहाल आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। इन धमाकों में 56 लोगों की जान गई थी। इसके अलावा 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
जांच के दौरान एटीएस (ATS – Anti Terrorism Squad) ने देशभर से 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कुल 49 आरोपियों को दोषी ठहराया गया। इनमें से 38 को फांसी और 11 को आजीवन कारावास की सजा मिली थी। इन दोषियों में उज्जैन जिले के भी पांच लोग शामिल थे।
पहले भी पेरोल पर आया था एक दोषी
यह पहली बार नहीं है जब ब्लास्ट का कोई दोषी पेरोल पर उज्जैन आया हो। जून 2025 में मोहम्मद शफीक अंसारी नाम का एक अन्य दोषी भी पेरोल पर उज्जैन आया था। वह अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने आया था।
उस दौरान भी चिमनगंज थाना क्षेत्र में उसके घर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने घर के भीतर, बाहर और छत तक पर जवान तैनात किए थे। यानी ऐसे मामलों में सुरक्षा का यह तरीका अब एक तय प्रक्रिया बन चुका है।
FAQ
Q. मोहम्मद अबरार मनियार कौन है? A. वह 2008 अहमदाबाद ब्लास्ट का दोषी है। वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। बेटी की शादी के लिए उसे पेरोल मिली थी। Q. उज्जैन में इतनी सुरक्षा क्यों लगाई गई? A. वह एक ब्लास्ट का दोषी आतंकी है। इसलिए किसी भी खतरे से बचने के लिए कड़ी सुरक्षा लगाई गई। पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया था। Q. क्या ऐसा पहले भी हुआ है? A. हां, जून 2025 में एक अन्य दोषी भी पेरोल पर उज्जैन आया था। वह भी शादी में शामिल होने आया था। उस समय भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
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