News In Short
- वंदे मातरम् विवाद से इंदौर की सियासत गरमा गई है।
- रुबीना इकबाल खान ने वंदे मातरम् पर विवादित बयान दिया था
- अब रुबीना खान ने अपने ही बयान पर खेद जताया है।
- महापौर ने रुबीना की पार्षदी खत्म करने की बात कही है।
- कांग्रेस और बीजेपी में बयानबाजी तेज हो गई है।
News In Detail
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में 08 अप्रैल को वंदे मातरम् गाने को लेकर उठा विवाद बीजेपी और कांग्रेस की राष्ट्रभक्ति तक पहुंच चुका है। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने कह दिया था कि मैं वंदे मातरम् नहीं गाऊंगी।
उधर, पार्षद रुबीना ने तीखा बयान दिया और कहा कि किसी के बाप में दम नहीं कि वह जबरदस्ती वंदे मातरम् बुलवा सके। कांग्रेस पार्टी जाए भाड़ में। हमारे इस्लाम धर्म में एक ही अल्लाह की इबादत है, हम वंदे मातरम् नहीं गा सकते। अब इसमें रुबीना ने संदेश जारी कर खेद जताया है।
रुबीना ने यह जताया खेद
रुबीना इकबाल खान ने कहा कि बाप में है दम और पार्टी जाए भाड़ में ये शब्द उत्तेजना में मेरे मुंह से निकल गए, जिसका मुझे जिंदगी भर खेद रहेगा। मैं उकसाने वाले बयान में उलझ गई और टारगेट बन गई।
रुबीना ने ये भी कहा कि मैंने परिषद की 50 से ज्यादा मीटिंग ली और कभी भी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान नहीं किया। मेरी बात का पूरा सच मीडिया ने नहीं दिखाया गया। बजट सत्र में भी मैं पूरे अदब से खड़ी थी। नारों और चिंटू चौकसे के बयान ने आग में घी का काम किया।
महापौर बोले- यह धार्मिक उन्माद की साजिश
वहीं इस मामले में रविवार 12 अप्रैल को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि बात राष्ट्रगीत गाने या नहीं गाने की नहीं है। इसे लेकर पहले ही एडवाइजरी है। यह राष्ट्रगीत के अपमान का मामला है। धार्मिक उन्माद फैलाने का षड़यंत्र किया गया है। यह कहना कि हमारे पंथ, मत में यह मंजूर नहीं है, खुद ही कहा कि इस्लाम बड़ा है।
यह कहकर राष्ट्रगीत का अपमान किया है। इतने साल से बैठक में आ रहे हैं, तब नहीं कहा कि मैं नहीं गाऊंगी। हम पार्षद दल की बैठक कर इनकी पार्षदी खत्म करने के लिए निगम की बैठक बुलाएंगे। इस पर विचार किया जा रहा है। संभागायुक्त और पुलिस को शिकायत भी कर चुके हैं।
मिली-जुली कुश्ती के आरोप पर क्या बोले
कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया द्वारा इसे फौजिया के पति शेख अलीम और महापौर के बीच की डील बताए जाने के आरोपों पर भी महापौर नाराज हुए।
उन्होंने कहा कि आरोप क्या है और किसने लगाए, क्या स्तर है, यह तो देखा जाए। पार्षद उनके, देरी से वह आए, वंदे मातरम् को लेकर वह बोले, इसमें बीजेपी का कोई लेना-देना ही नहीं।
नगराध्यक्ष बोले- मैं अपने बाप का नाम बदल दूंगा
उधर,बीजेपी नगराध्यक्ष जीतू पटवारीके इस आरोप पर भड़क गए कि कभी बीजेपी और उनकी मातृ संस्था ने तिरंगे का मान नहीं रखा। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी यह साबित कर दें तो मैं अपने बाप का नाम बदल दूंगा नहीं तो जीतू पटवारी जी आप बदल लेना।
वंदे मातरम् किसी भाषा, धर्म का गीत नहीं, राष्ट्रीय स्वाभिमान का गीत है। पटवारी ने अभी तक दोनों पार्षदों पर कार्रवाई नहीं की, क्योंकि पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ऐसा करने से मना किया है। कांग्रेस वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है।
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