समझें क्या है पूरा मामला
- भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस कई देशों में मान्य है।
- लाइसेंस अंग्रेजी में और वैध होना जरूरी है।
- कुछ देशों में इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट भी चाहिए।
- यह सुविधा सीमित समय के लिए मिलती है।
- विदेश में खुद ड्राइव करने वालों के लिए जानकारी जरूरी है।
इन देशों में मिलती है छूट
अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस से गाड़ी चलाई जा सकती है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर भी इस सूची में शामिल हैं।
इन देशों में गाड़ी किराए पर लेना भी आसान है। इसके लिए बस एक शर्त होती है। आपका लाइसेंस डिजिटल यानी चिप वाला होना चाहिए। साथ ही उस पर फोटो और जानकारी साफ अंग्रेजी में लिखी होनी चाहिए।
IDP से 150 देशों में मिलती है मान्यता
अगर आप किसी ऐसे देश जा रहे हैं जहां सिर्फ भारतीय लाइसेंस काम नहीं करता, तो एक और रास्ता है। आप आरटीओ (RTO – Regional Transport Office) या परिवहन सेवा वेबसाइट से इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (IDP – International Driving Permit) बनवा सकते हैं।
यह छोटा सा कार्ड आपको दुनिया के करीब 150 देशों में कानूनी रूप से गाड़ी चलाने की इजाजत देता है। इससे आप बिना किसी कानूनी अड़चन के सुरक्षित तरीके से वाहन चला सकते हैं।
विदेश में सीमित समय के लिए ही मान्य
भारत में एक बार बना लाइसेंस लंबे समय तक चलता है। यह 20 साल तक या फिर 40 साल की उम्र तक मान्य रहता है। लेकिन विदेश में यह सुविधा सीमित समय के लिए ही मिलती है। जैसे ऑस्ट्रेलिया में भारतीय लाइसेंस से सिर्फ 3 महीने तक गाड़ी चलाई जा सकती है। वहीं अमेरिका में यह सुविधा 1 साल तक मिलती है।
ज्यादातर देशों में यह समय सीमा 90 दिन से लेकर 1 साल तक होती है। इसकी वजह साफ है। विदेश यात्रा पर जाने वाले लोग आमतौर पर पर्यटक वीजा पर होते हैं।
कोई भी देश विदेशी पर्यटकों को स्थायी रूप से गाड़ी चलाने की इजाजत नहीं देता। अगर आप वहां लंबे समय तक रहने की योजना बना रहे हैं, तो आपको वहां का स्थानीय लाइसेंस बनवाना जरूरी होता है। इसके लिए स्थानीय परीक्षा भी पास करनी पड़ती है।
विदेश में गाड़ी चलाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
विदेश में गाड़ी चलाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज साथ रखना जरूरी है। इनमें पासपोर्ट, वैध वीजा और इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। गाड़ी किराए पर लेते समय अक्सर इन तीनों की मांग होती है।
इसके अलावा जिस देश जा रहे हैं, वहां के ट्रैफिक नियम पहले से समझ लेना जरूरी है। कई देशों में भारत की तरह राइट हैंड ड्राइविंग नहीं होती। वहां लेफ्ट हैंड ड्राइविंग का नियम लागू होता है। इसलिए यात्रा से पहले इंटरनेट पर वहां के नियमों की पूरी जानकारी जरूर ले लें। थोड़ी सी सावधानी विदेश में आपकी यात्रा को आसान बना सकती है।
FAQ
Q. क्या भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस विदेश में मान्य है? A. हां, कई विकसित देशों में भारतीय लाइसेंस मान्य होता है। इसके लिए लाइसेंस अंग्रेजी में और डिजिटल होना जरूरी है। अमेरिका, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश इसे स्वीकार करते हैं। Q. इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट क्या है? A. यह एक अतिरिक्त परमिट कार्ड होता है। इसे आरटीओ से बनवाया जा सकता है। इसकी मदद से करीब 150 देशों में कानूनी रूप से गाड़ी चलाई जा सकती है। Q. विदेश में भारतीय लाइसेंस कितने समय तक मान्य रहता है? A. यह हर देश के नियम पर निर्भर करता है। ऑस्ट्रेलिया में यह 3 महीने तक मान्य है। अमेरिका में इसकी वैधता 1 साल तक रहती है।
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