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भोजशाला में बसंत पंचमी पर अखंड पूजा का ऐलान, परिसर खाली न करने का संकल्प

भोजशाला में बसंत पंचमी पर अखंड पूजा का ऐलान, परिसर खाली न करने का संकल्प

द सूत्र 5 months ago

BHOPAL. धार में बसंत पंचमी पर्व को लेकर महाराजा भोज स्मृति बसंतोत्सव समिति ने रविवार को महत्वपूर्ण घोषणा की। समिति ने 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी पर भोजशाला में अखंड पूजा-अर्चना करने और परिसर खाली न करने का संकल्प लिया।

यह मुद्दा शुक्रवार होने के कारण चर्चा का केंद्र बना है।

समिति ने अपने कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया। उद्घाटन जूना अखाड़ा, संगेश्वर धाम के राष्ट्रीय सचिव रामेश्वर गिरी महाराज ने किया। समिति ने बसंतोत्सव कार्यक्रमों की रूपरेखा और दृढ़ संकल्प की जानकारी दी।

समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा कि 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी पर भोजशाला में सूर्यास्त से सूर्योदय तक अखंड पूजा-अर्चना की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संघर्ष करना पड़ा, तो समिति पीछे नहीं हटेगी।

भोजशाला को खाली नहीं किया जाएगा

जैन ने कहा कि उस दिन भोजशाला को खाली नहीं किया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी भोजशाला खाली नहीं की गई थी। इस बार भी ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। समिति का अनुमान है कि आयोजन में हजारों लोग शामिल होंगे।

इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है। शुक्रवार को मुस्लिम समाज जुमे की नमाज अदा करता है। इसलिए समिति अपने निर्णय पर अडिग है।

पुरातत्व विभाग ने भोजशाला में मंगलवार को पूजा-अर्चना की अनुमति दी है। शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज अदा करने की अनुमति है। 23 जनवरी 2026 को यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

अखंड पूजा-अर्चना

समिति के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी पर bhojashaala में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा-अर्चना की जाएगी। सुबह 7 बजे मां वागदेवी की शोभायात्रा लालबाग से निकाली जाएगी। पूरे दिन यज्ञ-हवन और आरती का आयोजन होगा।

24 जनवरी 2026 को दोपहर 2:30 बजे मातृशक्ति सम्मेलन होगा। इस दौरान मातृशक्ति भोजशाला में पूजन, आरती और हवन करेगी। कार्यक्रम में भारती दीदी कुशवाह मुख्य अतिथि होंगी। इसी दिन रात 8 बजे सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा।

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