मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। शहर के पॉश इलाके हबीबगंज में एक 75 साल के बुजुर्ग वकील ने पड़ोस में रहने वाली मात्र 5 साल की बच्ची के साथ गंदी हरकत की है।
यह घटना केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि हमारे समाज के नैतिक पतन की पराकाष्ठा है। जिस उम्र में बच्चों को सही-गलत की पहचान नहीं होती, उस उम्र में एक रसूखदार वकील ने अबोध मासूम को अपना शिकार बनाया। यह मामला अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
आरोपी की नातिन के साथ खेलने गई थी मासूम
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बच्ची के पिता देश की सेवा करने वाले एक डिफेंस ऑफिसर हैं। वह मासूम रोज की तरह अपने पड़ोस में रहने वाले वकील की नातिन के साथ खेलने गई थी। आरोपी वकील ने अपनी उम्र का भी लिहाज नहीं किया और बच्ची को बहला-फुल्का कर कमरे में ले गया। वहां उसने उस मासूम के साथ वह दरिंदगी की, जिसे शब्दों में बयां करना भी मुश्किल है।
जब मां के सामने हुआ दर्द, तब खुला राज
3 मई की इस घटना का पता तब चला जब बच्ची रात को अपने घर लौटी। सोते समय उसने अपनी मां से प्राइवेट पार्ट में तेज दर्द की शिकायत की। मां ने जब गौर से देखा तो वह दंग रह गई, क्योंकि वहां चोट के निशान थे। परिजनों ने बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर की शुरुआती जांच ने परिजनों के पैरों तले जमीन खिसका दी। डॉक्टर ने साफ इशारा किया कि बच्ची के साथ कुछ बहुत ही गलत हुआ है।
मासूम की जुबानी, 'पड़ोस वाले नाना' ने की गंदी हरकत
पुलिस जब मौके पर पहुंची और बच्ची से प्यार से बात की, तो उसने जो बताया वह सुनकर पुलिस वाले भी सन्न रह गए। बच्ची ने मासूमियत से इशारा करते हुए कहा कि "नाना ने मेरे साथ गंदी हरकत की है। हबीबगंज पुलिस ने बिना देरी किए पॉक्सो एक्ट और आईपीसी की धारा 376 (रेप) के तहत मामला दर्ज कर लिया।
अब सलाखों के पीछे आरोपी वकील
आरोपी वकील, जिसे समाज में एक सम्मानित पद पर देखा जाता था, वह पुलिस को पहले तो गुमराह करता रहा। उसने कानून की बारीकियों का फायदा उठाकर बचने की कोशिश की, लेकिन सबूतों और बच्ची के बयान के आगे उसकी एक न चली। आखिरकार पुलिस ने मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत जेल भेजने का आदेश दिया।
सिस्टम और सुरक्षा पर उठते बड़े सवाल
यह घटना केवल एक अपराधी की नहीं, बल्कि उस मानसिकता की है जो रसूख के पीछे छिपकर मासूमों को अपना शिकार बनाती है। विपक्ष भी अब इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कानून का रखवाला ही जब भक्षक बन जाए, तो आम जनता किसके पास जाए? भोपाल के लोग अब इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई दूसरा ऐसी जघन्य वारदात करने की हिम्मत न कर सके।

