समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल में हाईकोर्ट की स्थायी पीठ बनाने की मांग उठी है।
- सांसद भर्तृहरि महताब ने कानून मंत्री को पत्र भेजा है।
- उन्होंने मध्य क्षेत्र के लोगों की यात्रा मुश्किलें सामने रखी हैं।
- भोपाल सहित सात जिलों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
- सांसद ने इस मांग पर जल्द प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।
भोपाल में हाईकोर्ट पीठ की उठी मांग
मध्य प्रदेश में हाईकोर्ट की मुख्य सीट जबलपुर में है। इंदौर और ग्वालियर में इसकी स्थायी पीठें मौजूद हैं। अब भोपाल में भी स्थायी पीठ की मांग सामने आई है। यह मांग सीधे आम लोगों की अदालत तक पहुंच से जुड़ी है। सांसद भर्तृहरि महताब ने इस मुद्दे को केंद्र के सामने रखा है।।उन्होंने 20 अगस्त 2026 को कानून मंत्री को पत्र लिखा।
सांसद ने पत्र में किन लोगों की परेशानी बताई
सांसद भर्तृहरि महताब ओडिशा की कटक सीट से सांसद हैं। वह लोकसभा की वित्त समिति के अध्यक्ष भी हैं। पत्र में उन्होंने लिखा कि मध्य क्षेत्र की बड़ी आबादी हाईकोर्ट पर निर्भर है। इन लोगों में भोपाल और आसपास के जिलों के लोग शामिल हैं। सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ भी इसमें शामिल हैं नर्मदापुरम और आसपास के इलाकों का भी जिक्र हुआ है। इन क्षेत्रों के कई मामले हाईकोर्ट तक पहुंचते हैं। इनमें रिट, अपील और सेवा से जुड़े मामले शामिल हैं। आपराधिक और नागरिक मामलों में भी हाईकोर्ट जाना पड़ता है।
जबलपुर तक पहुंचना भोपाल के लोगों के लिए मुश्किल
पत्र में लंबी दूरी को बड़ी समस्या बताया गया है। कई लोगों को हर सुनवाई के लिए जबलपुर जाना पड़ता है। इससे आने-जाने का खर्च लगातार बढ़ता है। कई बार होटल और खाने का खर्च भी जुड़ जाता है। मामला टलने पर दोबारा यात्रा करनी पड़ सकती है। इससे काम और मजदूरी का नुकसान भी होता है। बार-बार पेशी होने पर परेशानी और बढ़ जाती है।
बुजुर्गों और कमजोर परिवारों पर ज्यादा असर
पत्र में कमजोर वर्गों की परेशानियों पर भी जोर दिया गया है। बुजुर्गों के लिए लंबी यात्रा आसान नहीं होती। महिलाओं और दिव्यांग लोगों को भी अतिरिक्त दिक्कत होती है। जेल में बंद लोगों से जुड़े मामलों में भी सुनवाई होती है। ऐसे मामलों में परिवार और वकीलों को यात्रा करनी पड़ती है। भोपाल में पीठ बनने से यह बोझ काफी घट सकता है।
भोपाल को HC पीठ के लिए क्यों सही बताया गया
सांसद ने भोपाल की मौजूदा सुविधाओं का भी जिक्र किया है। भोपाल राज्य की राजधानी है और यहां बड़े सरकारी दफ्तर हैं। सचिवालय और कई सरकारी विभाग भी यहीं मौजूद हैं। कई सरकारी संस्थाएं हाईकोर्ट के मामलों में पक्ष रहती हैं। हाईकोर्ट की पीठ बनने से विभागों और अदालत के बीच दूरी घटेगी। वकीलों और सरकारी अधिकारियों के लिए काम आसान हो सकता है।
भोपाल में पीठ बनने से आम लोगों को फायदा
भोपाल में पीठ बनने से लोगों को पास में अदालत मिलेगी। कई मामलों में जबलपुर तक जाने की जरूरत घट सकती है।।इससे समय और यात्रा खर्च दोनों बच सकते हैं। वकीलों के लिए भी पेशी करना आसान हो सकता है। सरकारी विभागों को भी मामलों में जल्दी पहुंच मिलेगी। सबसे बड़ा फायदा आम वादकारियों को मिलने की उम्मीद है।
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