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भोपाल से चार धाम यात्रा की बुकिंग शुरू, 10 दिन के पैकेज का क्या है रेट? जानें पूरी डिटेल

भोपाल से चार धाम यात्रा की बुकिंग शुरू, 10 दिन के पैकेज का क्या है रेट? जानें पूरी डिटेल

ध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से हर साल हजारों श्रद्धालु उत्तराखंड के चार धामों के दर्शन करने जाते हैं। इस साल भी ट्रैवल एजेंसियों ने अपने पैकेज भी जारी कर दिए हैं।

अब अपनी चार धाम यात्रा की प्लानिंग शुरू कर सकते हैं।

ध्यान देने वाली बात ये है कि आपको चार धाम यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना जरूरी है।

चार धाम पैकेज की कीमत ?

भोपाल में चार धाम यात्रा के लिए हबीबगंज, शिवाजी नगर, 10 नंबर बस स्टॉप, न्यू मार्केट और जवाहर चौक जैसे प्रमुख इलाकों में ट्रैवल ऑपरेटर्स हैं। ऑपरेटर्स के मुताबिक इस बार 9 रात और 10 दिन के चार धाम पैकेज की कीमत करीब 26 हजार रुपए रखी गई है।

कब से होगी यात्रा की शुरुआत?

अक्षय तृतीया के मौके पर गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे। इसके बाद केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट भी खुल जाएंगे। इसके चलते प्रसिद्ध उत्तराखंड चार धाम यात्रा इस साल 19 अप्रैल से शुरू होगी।

70 से ज्यादा पैकेज बुक

ट्रैवल्स संचालक संदेश अग्रवाल ने बताया कि पिछले साल इस पैकेज की कीमत 23 हजार थी। इस बार इसमें 3 हजार की बढ़ोतरी हुई है। अब तक 20 पैकेज बुक हो चुके हैं। वहीं ट्रैवल्स होम के जगदीश केसरवानी और दूसरे संचालकों के मुताबिक भोपाल में अब तक कुल मिलाकर 70 से ज्यादा पैकेज बुक हो चुके हैं।

चार धाम यात्रा के तीर्थ स्थल

चार धाम यात्रा उत्तराखंड के चार बड़े तीर्थ स्थलों - यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन के लिए की जाती है। भोपाल से जाने वाले लोग आमतौर पर पहले हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचते हैं। फिर वहां से ट्रेवल एजेंसियों के पैकेज के तहत आगे की यात्रा करते हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण करना जरूरी

ट्रैवल संचालकों का कहना है कि उत्तराखंड सरकार के पोर्टल पर चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना जरूरी है। प्रशासन केवल एक सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति देता है। इसलिए श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते यात्रा पैकेज बुक करवा लें।

यात्रियों को मिलेगी सभी जरूरी सुविधा

केदारनाथ धाम जाने के लिए 16 से 18 किमी का ट्रैक करना पड़ता है। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को होटल में ठहरने, खाने-पीने और स्थानीय यात्रा के लिए पूरी व्यवस्था मिलती है। बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए घोड़ा, पालकी और हेलीकॉप्टर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, ताकि उन्हें यात्रा में कोई दिक्कत न हो।

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