समझें क्या है पूरा मामला
रायपुर पुलिस ने एक शातिर अंतरराज्यीय ठग को गिरफ्तार किया है।
आरोपी का नाम बिंगसन जॉन है और वह तमिलनाडु का रहने वाला है।
वह देशभर के 300 से ज्यादा फाइव स्टार होटलों में ठगी कर चुका है।
वह खुद को गाइड, अंग्रेजी टीचर या योगा टीचर बताकर होटलों में ठहरता था।
पुलिस ने उसे ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है।
रायपुर के होटल में ठहरा ठग
यह मामला रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। आरोपी 25 जून 2026 को होटल हयात में ठहरा था। उसने खुद को विदेशी पर्यटकों का गाइड बताया था। होटल स्टाफ उसकी बातों से आसानी से भरोसा कर लेता था। वह दो दिन तक होटल में रुका। 27 जून की सुबह वह बिना चेक आउट किए वहां से निकल गया।
होटल के सिक्योरिटी इंचार्ज सूरज सिंह ने इसकी शिकायत पुलिस से की। जांच में पता चला कि आरोपी ने 63 हजार 755 रुपये का बिल नहीं चुकाया। होटल प्रबंधन ने उसे एक लैपटॉप भी दिया था। वह वही लैपटॉप भी अपने साथ ले गया। इस लैपटॉप की कीमत करीब 1 लाख 48 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी अपने व्यवहार से होटल स्टाफ का भरोसा जल्दी जीत लेता था। वह अच्छी अंग्रेजी बोलता था और खुद को पढ़ा-लिखा पेशेवर बताता था। इसी वजह से होटल स्टाफ को शक नहीं होता था। कई बार वह विशेष सुविधाओं की मांग भी कर देता था।
बिना बिल चुकाए हो जाता फरार
घटना के बाद होटल प्रबंधन ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की। उसके दिए गए दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद रायपुर पुलिस तुरंत हरकत में आई। डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला और डीसीपी मध्य उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में टीम बनी। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा थाना पुलिस ने मिलकर तलाश शुरू की।
तकनीकी जांच में आरोपी की लोकेशन भुवनेश्वर में मिली। पुलिस टीम वहां पहुंची और दबिश देकर उसे पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई सिर्फ 72 घंटे में पूरी हुई। गिरफ्तार आरोपी की उम्र 69 साल है और वह तमिलनाडु के तूतीकोरिन का रहने वाला है।
चार्ल्स शोभराज से मिली प्रेरणा
पूछताछ में आरोपी ने कई बड़े खुलासे किए। उसने बताया कि वह कुख्यात ठग चार्ल्स शोभराज से प्रभावित था। उसी के तरीके से उसने होटलों में ठगी शुरू की थी। उसने बताया कि यह सिलसिला साल 1990 से चल रहा है।
आरोपी पहली बार 1996 में तिहाड़ जेल गया था। इसके बाद वह अलग-अलग राज्यों की जेलों में भी रह चुका है। कुल मिलाकर वह करीब 15 साल जेल में बिता चुका है। हर बार जेल से छूटने के बाद वह फिर किसी फाइव स्टार होटल को निशाना बनाता था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी हर बार अलग शहर और अलग पहचान चुनता था। इससे पुराने मामलों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था। वह जानबूझकर बड़े शहरों के पॉश इलाकों के होटल चुनता था, जहां सुरक्षा जांच अपेक्षाकृत कम सख्त होती है।
दस से ज्यादा राज्यों में मामले
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ देश के 10 से ज्यादा राज्यों में मामले दर्ज हैं। वह मेट्रो शहरों में भी इसी तरह की वारदातें कर चुका है। वह महंगे होटलों में ठहरकर पहले भरोसा जीतता था। इसके बाद सुविधाओं का पूरा फायदा उठाकर फरार हो जाता था। कई बार वह होटल का कीमती सामान भी साथ ले जाता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से होटल हयात का लैपटॉप बरामद कर लिया है। उसके खिलाफ तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
आगे की जांच जारी
रायपुर पुलिस अब देशभर में दर्ज उसके पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने किन-किन राज्यों के होटलों को निशाना बनाया। अधिकारियों का मानना है कि आगे की पूछताछ में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है।
इस मामले ने बड़े होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मेहमानों की पहचान वेरिफाई करने की प्रक्रिया को और सख्त बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क कर रही है, ताकि आरोपी के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की पूरी जानकारी मिल सके।
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