समझें क्या है पूरा मामला
CGPSC घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, पेपर लीक आरोपी गिरफ्तार
25 लाख में पेपर देने का आरोप, उत्कर्ष चंद्राकर ED की रिमांड पर
CGPSC भर्ती घोटाला: अभ्यर्थियों से पैसे लेने के मामले में गिरफ्तारी
पेपर लीक से चयन तक की जांच तेज, ED ने आरोपी को पकड़ा
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप, CGPSC केस में बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। उस पर आरोप है कि उसने अभ्यर्थियों से लाखों रुपए लेकर परीक्षा में चयन कराने का भरोसा दिया और कथित तौर पर पेपर उपलब्ध कराया।
CGPSC और DMF मामले में ED की कार्रवाई
ED ने CGPSC भर्ती घोटाले के साथ-साथ DMF फंड मामले में भी कार्रवाई की है। इस दौरान दो आरोपियों सतपाल छाबड़ा और उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया। दोनों मामलों में आर्थिक लेनदेन और घोटाले से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
अभ्यर्थियों से 25 लाख रुपए लेने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर पर आरोप है कि उसने एक अभ्यर्थी से 25 लाख रुपए लिए थे। इसके बाद कई अन्य उम्मीदवारों को परीक्षा से जुड़े कथित पेपर उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। जांच में करीब 30 से 35 अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने के आरोप की भी जानकारी सामने आई है।
रिजॉर्ट में कराई गई थी तैयारी
जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले विशेष इंतजाम के साथ अलग-अलग जगहों पर ठहराया गया था। आरोप है कि उन्हें लीक प्रश्नपत्र के आधार पर तैयारी कराई गई। बारनवापारा के एक रिजॉर्ट में अभ्यर्थियों को ले जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
पेपर लीक मामले में पहले भी सामने आए थे नाम
CGPSC 2022 परीक्षा घोटाले की जांच में पहले भी कई लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। जांच एजेंसियां परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी, पेपर लीक और पैसों के लेनदेन से जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं।
हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका की थी खारिज
उत्कर्ष चंद्राकर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्रश्नपत्र लीक करना मेहनत से तैयारी करने वाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
प्रश्नपत्र छपाई से लेकर लीक तक की जांच
जांच में प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर उसके लीक होने तक की पूरी प्रक्रिया को खंगाला जा रहा है। आरोप है कि प्रश्नपत्र छपाई के बाद उसे गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया और कुछ लोगों तक पहुंचाया गया। मामले में ED और अन्य जांच एजेंसियां जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही हैं।
FAQ
Q. CGPSC घोटाला मामले में ED ने किसे गिरफ्तार किया है? A. ED ने CGPSC 2022 भर्ती घोटाले में उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया है। उस पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर पेपर उपलब्ध कराने का आरोप है। Q. उत्कर्ष चंद्राकर पर कितने रुपए लेने का आरोप है? A. जांच के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर पर एक अभ्यर्थी से 25 लाख रुपए लेने और कई उम्मीदवारों को कथित तौर पर पेपर उपलब्ध कराने का आरोप है। Q. आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट ने क्या आदेश दिया है? A. कोर्ट ने ED की मांग पर उत्कर्ष चंद्राकर को 5 दिन की रिमांड पर भेजा है। इस दौरान उससे घोटाले और पैसों के लेनदेन को लेकर पूछताछ की जाएगी।
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