तेलंगाना के निजामाबाद जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नर्स पत्नी ने पति की हत्या की साजिश रची है। पहले उसे छत से धक्का दिलवाया गया। यह कोशिश नाकाम रही तो अस्पताल में आईवी लाइन में जहरीला पदार्थ मिलाया गया।
पुलिस ने पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
खाड़ी देश से लौटा था पति
मृतक का नाम दयिनी प्रशांत था। वह 35 साल का था। प्रशांत पिछले दो साल से खाड़ी देश में काम कर रहा था। वह 27 जून को घर लौटा था। उसने विदेश वापस न जाने का फैसला किया था। यही फैसला उसकी पत्नी संध्या को नागवार गुजरी और ऐसा खौफनाक कदम उठाया। संध्या का एक व्यक्ति के साथ अवैध संबंध था।
प्रेमी संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार संध्या का नाम अनिल के साथ जुड़ा था। पति के घर लौटने से यह रिश्ता खतरे में पड़ गया। संध्या को प्रशांत अब एक रुकावट नजर आने लगा।
पुलिस का दावा है कि संध्या और अनिल ने मिलकर योजना बनाई। इसमें अनिल के दोस्त वेंकट साई उर्फ बंटी को भी शामिल किया गया। तीनों ने प्रशांत को रास्ते से हटाने की ठान ली।
जांच में सामने आया कि पहले प्रशांत को नशे में धुत्त किया गया। इसके बाद अनिल और वेंकट साई ने उस पर हमला किया। फिर उसे छत से नीचे धकेल दिया गया। लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम रही। प्रशांत बच गया, हालांकि गंभीर रुप से घायल हो गया। प्रशांत को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल में आईवी बनी हथियार
अस्पताल में इलाज के दौरान प्रशांत को आईवी (Intravenous) लाइन लगाई गई थी। यही मौका संध्या ने साजिश पूरी करने के लिए चुना। वह पहले नर्स की ट्रेनिंग ले चुकी थी।
घर पर भी वह पति को आईवी फ्लूइड देती रही थी। पुलिस के मुताबिक उसने आईवी में टॉयलेट क्लीनर और नींद की गोलियां मिला दीं। यह जहरीला मिश्रण 30 जून को उसकी नस में डाला गया।
पुलिस का कहना है कि इसी दौरान संध्या ने प्रशांत को खाट से भी नीचे गिराया। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई। कुछ ही समय में प्रशांत की मौत हो गई।
टेरेस से गिरने की कहानी बताई
मौत के बाद संध्या ने पूरी घटना को अलग रंग देने की कोशिश की। उसने बताया कि प्रशांत की सेहत छत से गिरने के बाद से बिगड़ गई थी। परिवार को लगा कि यह स्वाभाविक मौत है। लेकिन यह कहानी ज्यादा दिन नहीं चल सकी। मृतक की मां को शुरू से ही शक था। वह अलग रहती थीं और बेटे की मौत की परिस्थितियों से संतुष्ट नहीं थीं।
सास की शिकायत से खुला राज
प्रशांत की मां ने बताया कि उन्हें बेटे के घर आने की जानकारी तक नहीं थी। मौत से पहले की घटनाओं की भी उन्हें भनक नहीं थी। शक होने पर उन्होंने एक जुलाई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के बाद जांच शुरू की। तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में साजिश की परतें एक-एक कर खुलने लगीं।
पूछताछ के दौरान वेंकट साई ने अहम खुलासा किया। वेंकट साई ने माना कि उसने ही प्रशांत को छत से धक्का देने में मदद की थी। इस कबूली ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
इसके बाद पुलिस ने संध्या और अनिल से भी सख्ती से पूछताछ की। दोनों ने भी साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की। अब तीनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है।
अदालत ने भेजा न्यायिक हिरासत में
अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक जांच अभी जारी है। पूरी घटना का क्रम स्थापित करने के लिए और सबूत जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार जांच अभी शुरुआती चरण में है। आने वाले दिनों में और तथ्य सामने आ सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सतर्कता से जांच कर रही है।

