समझें क्या है पूरा मामला
- बिलासपुर हाईकोर्ट ने नेताओं के पेंडिंग क्रिमिनल केस में तेजी का आदेश दिया है।
- चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने ट्रायल कोर्ट्स को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
- न्यायमित्र डॉ. एनके शुक्ला ने कोर्ट को पेंडिंग मामलों की जानकारी दी है।
- रायपुर और कबीरधाम जिले के दो मामलों का हाल ही में निपटारा हुआ है।
- अब 25 अगस्त को बिलासपुर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई तय की गई है।
नेताओं के मुकदमों में तेजी
छत्तीसगढ़ के सांसदों और विधायकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामलों में अब तेजी से सुनवाई होगी। बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस संबंध में कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सभी निचली अदालतों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। नेताओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। कोर्ट समय पर अपडेट रिपोर्ट भी देखना चाहता है।
हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने यह फैसला सुनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों के मुकदमे लंबे समय तक नहीं लटकने चाहिए। अदालत ने रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को तुरंत कदम उठाने को कहा है। आदेश की प्रति सभी संबंधित ट्रायल कोर्ट्स को भेज दी गई है। अगली सुनवाई तक ताजा स्टेटस रिपोर्ट जमा करनी होगी।
इन बड़े नेताओं के नाम शामिल
सुनवाई के दौरान राज्य के कई प्रमुख नेताओं के नाम सामने आए। इनमें भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और पूर्व सीएम भूपेश बघेल शामिल हैं। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव का केस भी लिस्ट में है। बलौदाबाजार कोर्ट में देवेंद्र यादव और प्रमोद शर्मा से जुड़े मामले पेंडिंग हैं। जांजगीर-चांपा में विधायक बालेश्वर साहू के केस की सुनवाई चल रही है। वहां गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
ईडी और सीबीआई में सुनवाई
रायपुर की विशेष अदालतों में भी कई हाई-प्रोफाइल मामले दर्ज हैं। ईडी (ED) और पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में सुनवाई जारी है। इनमें देवेंद्र यादव, चंद्रदेव प्रसाद राय और कवासी लखमा शामिल हैं। सीजेएम रायपुर और सीबीआई (CBI) कोर्ट में भी प्रक्रिया चल रही है। संजीव शुक्ला, उद्देश्वरी करा और आकाश शर्मा के खिलाफ मुकदमे जारी हैं। कोर्ट इन मुकदमों को जल्द निपटाना चाहता है।
गरियाबंद और राजनांदगांव के केस
गरियाबंद जिले में भी नेताओं पर दर्ज केस लंबित हैं। इनमें रोहित साहू, डमरुधर पुजारी और गोवर्धन मांझी के नाम हैं। राजनांदगांव में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव का केस पेंडिंग है। कुछ मामलों में हाईकोर्ट का स्टे भी लागू है। यह स्टे सीजीपीडीआई एक्ट और आईपीसी की धाराओं के तहत मिला है। इन सभी मामलों पर अब कोर्ट की नजर बनी हुई है।
25 अगस्त को अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने स्थिति को पूरी तरह रिकॉर्ड पर ले लिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। तब तक सभी निचली अदालतों को अद्यतन रिपोर्ट देनी होगी जनप्रतिनिधियों के पेंडिंग केस का निपटारा जल्द से जल्द किया जाएगा। छत्तीसगढ़ चुनाव से पहलेबिलासपुर हाईकोर्ट की इस सख्ती से निचली अदालतों में कार्रवाई तेज होगी।
FAQ
Q. बिलासपुर हाईकोर्ट ने नेताओं के मामलों में क्या आदेश दिया? A. उत्तर: बिलासपुर हाईकोर्ट ने सांसदों और विधायकों के लंबित आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने निचली अदालतों से अपडेट रिपोर्ट मांगी है। Q. : नेताओं के मामलों की अगली सुनवाई कब होगी? A. उत्तर: बिलासपुर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को तय की गई है। तब तक ट्रायल कोर्ट्स को रिपोर्ट सौंपनी होगी। Q. किन जिलों के जनप्रतिनिधियों के केस सुलझे हैं? A. उत्तर: न्यायमित्र के अनुसार रायपुर और कबीरधाम जिले से जुड़े दो जनप्रतिनिधियों के मामलों का हाल ही में सफलतापूर्वक निपटारा किया गया है।
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