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छत्तीसगढ़ GST विभाग का बड़ा एक्शन; 10 अप्रैल से अपंजीकृत कारोबारियों की खैर नहीं, थमाए जाएंगे नोटिस

छत्तीसगढ़ GST विभाग का बड़ा एक्शन; 10 अप्रैल से अपंजीकृत कारोबारियों की खैर नहीं, थमाए जाएंगे नोटिस

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ में GST पर सख्ती, 10 अप्रैल के बाद अपंजीकृत कारोबारियों पर कार्रवाई
  • 3.5 लाख के मुकाबले सिर्फ 2 लाख पंजीकरण, विभाग अलर्ट मोड में
  • बिजली खपत से पकड़ी जाएगी टैक्स चोरी, फैक्ट्रियों की होगी जांच
  • नॉन-ब्रांडेड कारोबारियों पर शिकंजा, 1 करोड़ टर्नओवर वाले भी रडार पर
  • GST नंबर डिस्प्ले नहीं किया तो लगेगा 30 हजार जुर्माना

NEWS IN DETAIL

RAIPUR : छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए अब सख्ती बढ़ा दी है। विभाग के ताजा सर्वे में सामने आया है कि बड़ी संख्या में व्यापारी और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग जीएसटी के दायरे में आने के बावजूद अब तक पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के नियमों के अनुसार, जिन कारोबारियों का सालाना टर्नओवर 40 लाख रुपए से अधिक है और सेवा क्षेत्र में जिनकी आय 20 लाख रुपए से ज्यादा है, उनके लिए जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य है।

10 अप्रैल के बाद कारोबारियों को नोटिस जारी

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में ऐसे पात्र कारोबारियों की संख्या करीब 3.5 लाख होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल लगभग 2 लाख ही पंजीकृत हैं। इस अंतर को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अब कार्रवाई का प्लान तैयार किया है। 10 अप्रैल के बाद अपंजीकृत कारोबारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।

बैंकों और बिजली कंपनी से सहयोग मांगा

जांच के दायरे को मजबूत करने के लिए विभाग ने बैंकों और बिजली कंपनी से भी सहयोग मांगा है। जिन क्षेत्रों में बिजली खपत अचानक बढ़ी है, वहां स्थित उद्योगों और फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी। इनकी वास्तविक आय और टर्नओवर का मिलान कर टैक्स चोरी का पता लगाया जाएगा।

नॉन-ब्रांडेड व्यापरियों का पंजीकरण नहीं

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नॉन-ब्रांडेड सामान का कारोबार करने वाले व्यापारी जीएसटी से बच रहे हैं। इनमें जूते-चप्पल, कपड़े, फर्नीचर, बर्तन और प्लास्टिक उत्पादों के कारोबारी शामिल हैं। इनका सालाना टर्नओवर कई मामलों में एक करोड़ रुपए तक पहुंचता है, फिर भी ये पंजीकरण नहीं करा रहे हैं।

जीएसटी नंबर का डिस्प्ले अनिवार्य

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जीएसटी नंबर का डिस्प्ले करना अनिवार्य है। दुकान, कार्यालय या फैक्ट्री के बाहर इसे प्रदर्शित नहीं करने पर 30 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। अब तक कई व्यापारियों को चेतावनी देकर छोड़ा जाता था, लेकिन अब सीधे कार्रवाई होगी। वर्तमान में करीब 40 प्रतिशत व्यापारी यह नियम नहीं मान रहे हैं।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई

इसके अलावा, कोयला और ट्रांसपोर्टिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा गड़बड़ी सामने आई है। बिना बिल के कारोबार और टैक्स चोरी के मामलों में इन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। विभाग का कहना है कि इस वर्ष हर हाल में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी और जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

निष्कर्ष

जीएसटी विभाग की सख्ती से टैक्स चोरी पर लगाम लगने की उम्मीद है। अपंजीकृत व्यापारियों की पहचान कर उन्हें सिस्टम में लाया जाएगा। इससे राजस्व बढ़ेगा और ईमानदार करदाताओं को राहत मिलेगी। नियमों का पालन अब व्यापारियों के लिए अनिवार्य और अपरिहार्य बनता जा रहा है।

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