समझें क्या है पूरा मामला
- बालाघाट चावल घोटाले की जांच एसआईटी कर रही है।
- एसआईटी ने दो नए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- अविनाश कावरे और गोपाल ठाकुर पकड़े गए।
- दोनों हर्ष राइस मिल के पार्टनर बताए गए हैं।
- मामले में अब तक 15 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
दो नए आरोपी गिरफ्तार
शुक्रवार को एसआईटी ने अविनाश कावरे और गोपाल ठाकुर को गिरफ्तार किया है। अविनाश कावरे हर्ष राइस मिल में 20 प्रतिशत के पार्टनर हैं। गोपाल ठाकुर की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत है। पुलिस देर शाम दोनों को वारासिवनी न्यायालय ले गई। कोर्ट ने पूछताछ के लिए दोनों को रिमांड पर सौंप दिया।
पुलिस का मानना है कि एथेनॉल प्लांट के लिए एफसीआई (FCI – Food Corporation of India) गोदाम से निकला चावल मिल के नाम पर खपाया गया। इसी हेराफेरी में दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई है।
कांग्रेस ने दी चेतावनी
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हर्ष राइस मिल के प्रोपराइटर में कुमार कावरे का नाम भी दर्ज है। पार्टी का कहना है कि यदि उनकी जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यह बयान मामले में राजनीतिक दबाव बढ़ने का संकेत है।
जून में सामने आया था मामला
यह घोटाला पहली बार 3 जून को वारासिवनी में उजागर हुआ था। एवीजे एथेनॉल प्लांट, बोरगांव, छिंदवाड़ा के नाम पर बालाघाट के एफसीआई गोदाम से फोर्टिफाइड चावल भेजा जा रहा था। असल में यह चावल राइस मिलों में पहुंचाया जा रहा था।
प्रशासनिक टीम ने संचेती राइस मिल से एथेनॉल फैक्ट्री जा रहे एक ट्रक को पकड़ा। इसके बाद एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज हुई। पुलिस ने तभी से जांच शुरू कर दी थी।
5454 मीट्रिक टन चावल की खपत
जांच में अब तक सामने आया है कि बालाघाट से 5454 मीट्रिक टन चावल खपाया गया। जानकारों का मानना है कि असल आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
बताया गया है कि एथेनॉल प्लांट मालिकों ने दलालों के जरिए यह चावल राइस मिलर्स को बेचा। मिलर्स ने इसी चावल को रीसाइकिल कर कस्टम मिलिंग में दोबारा जमा कर दिया।
लगभग एक साल में एवीजे एथेनॉल प्लांट के नाम पर 16 हजार मीट्रिक टन से अधिक फोर्टिफाइड चावल भेजा गया। यह चावल गरीबों में बांटा जाना था।
असल में यह चावल दलालों के जरिए राइस मिलर्स तक पहुंचा। इस पूरी प्रक्रिया में एथेनॉल प्लांट और राइस मिलर्स दोनों ने भारी मुनाफा कमाया।
हर्ष राइस मिल से मिले 4 ट्रक चावल
इससे पहले मंगलवार को पुलिस ने हर्ष राइस मिल में छापा मारा था। मिल के पार्टनर विनोद शर्मा से पूछताछ के बाद यह कार्रवाई हुई। पुलिस को वहां से चार ट्रक चावल मिला। इसके साथ 100 से ज्यादा खाली बोरियां भी बरामद हुईं।
अब तक गिरफ्तार 15 आरोपी
इस मामले में एसआईटी अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें ट्रक चालक दुर्गेश शेंडे, एवीजे एथेनॉल प्लांट के प्रतिनिधि राहुल प्रताप और सुपरवाइजर राकेश श्रीवास्तव शामिल हैं।
सिवनी के ट्रांसपोर्टर उबेद खान भी पकड़े गए हैं। श्री बिहारी राइस मिल के संचालक बिहारी पटले और मुनीम अजीत बिसेन भी आरोपियों में हैं।
शांति राइस मिल के संचालक सुरेन्द्र राणा और विराज राइस मिल के संचालक भी गिरफ्तार हुए हैं। गोंदिया, महाराष्ट्र के खंडेलवाल राइस मिल के भाई किशनलाल और जुगल खंडेलवाल भी शामिल हैं।
संचेती राइस मिल के राजेश संचेती, हर्ष राइस मिल के विनोद शर्मा और सिवनी के सोनू जैन भी पकड़े जा चुके हैं। अब अविनाश कावरे और गोपाल ठाकुर की गिरफ्तारी के साथ यह सूची 15 तक पहुंच गई है। एसआईटी की जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
FAQ
Q. बालाघाट चावल घोटाले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं? A. अब तक कुल 15 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें राइस मिल संचालक, ट्रांसपोर्टर और एथेनॉल प्लांट के प्रतिनिधि शामिल हैं। जांच अभी जारी है। Q. घोटाले में कितने चावल की हेराफेरी हुई? A. जांच में अब तक 5454 मीट्रिक टन चावल की खपत सामने आई है। लगभग एक साल में 16 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा फोर्टिफाइड चावल भेजा गया था। असल आंकड़ा इससे अधिक भी हो सकता है।
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