समझें क्या है पूरा मामला
- दतिया उपचुनाव में कांग्रेस विवाद सामने आया।
- प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने गंभीर आरोप लगाए।
- राजेंद्र भारती पर भाजपा से पैसे लेने का आरोप है।
- भारती ने आरोपों को खारिज कर पलटवार किया।
- मतगणना से पहले कांग्रेस की कलह बढ़ी है।
कांग्रेस में अंदरूनी कलह
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर भाजपा से पैसे लेने का आरोप लगाया।
सिंह ने भारती पर चुनाव हराने की साजिश रचने का भी आरोप जड़ा है। भारती ने पलटवार करते हुए घनश्याम को कायर और डरपोक बताया है। दोनों नेताओं के बीच आरोपों का यह सिलसिला मतगणना से ठीक पहले शुरू हुआ है।
घनश्याम का आरोप- भीतरघात हुआ
मीडिया से बातचीत में घनश्याम सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार से लेकर मतदान तक राजेंद्र भारती ने उनके पक्ष में काम नहीं किया। उनका आरोप है कि भारती भाजपा नेताओं के साथ मिलकर काम करते रहे।
इसी के जरिए उन्हें फंडिंग भी मिली। घनश्याम ने यह भी कहा कि भारती के करीबियों ने मतदाताओं में पैसा बांटा। इससे कांग्रेस को सीधा नुकसान पहुंचाने की रणनीति बनाई गई।
घनश्याम ने बताया कि इसकी शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने भारती को कांग्रेस से निष्कासित करने की मांग भी उठाई है।
भ्रष्टाचार की पिच का आरोप
घनश्याम सिंह ने कहा कि भारती ने बेईमानी पर आधारित राजनीतिक पिच तैयार की। उन्होंने एक उपभोक्ता फोरम मामले का जिक्र किया, जिसमें 7 लाख रुपए के भुगतान पर समझौता हो चुका था।
इसके बावजूद मामले को आगे बढ़ाया गया। घनश्याम के मुताबिक 2023 का चुनाव जीतने के बाद भारती ने जनता और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की।
सिंह यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा में सवालों के जरिए अधिकारियों से निजी फायदा उठाया गया। घनश्याम ने कहा कि भारती ने भाजपा के बड़े नेताओं की कभी खुलकर आलोचना नहीं की।
भारती का पलटवार
राजेंद्र भारती ने घनश्याम के सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि घनश्याम अपनी संभावित हार का डर छिपाने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।
भारती ने दावा किया कि वे वर्षों से जनता के बीच रहकर राजनीति करते आए हैं। उनका कहना है कि दतिया की जनता जानती है कि किसने असल में संघर्ष किया है।
नरोत्तम मिश्रा को लेकर भी आरोप
भारती ने आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सहमति से चुनाव लड़ा। उनके मुताबिक चुनाव की व्यवस्थाओं और फंड मैनेजमेंट में भी नरोत्तम से जुड़े लोगों की भूमिका रही। भारती ने यह भी कहा कि घनश्याम नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ सीधे चुनाव लड़ने को तैयार नहीं थे।
सेवढ़ा टिकट के ऑफर का दावा
राजेंद्र भारती ने दोनों नेताओं के बीच हुई एक कथित बातचीत का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि घनश्याम ने उन्हें एक प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव यह था कि इस बार दतिया से घनश्याम चुनाव लड़ेंगे। 2028 का चुनाव भारती सेवढ़ा से लड़ सकेंगे। भारती ने कहा कि उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।
30 जुलाई को हुई थी वोटिंग
दतिया विधानसभा उपचुनाव में 30 जुलाई को मतदान हुआ था। इस बार 71.44% मतदाताओं ने वोट डाला। यह आंकड़ा 2023 के चुनाव से करीब 9 प्रतिशत कम रहा। भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। मतगणना 3 अगस्त को होगी।
मतदान के दौरान सिरोल और जिगना में फर्जी वोटिंग के आरोप लगे थे। बूथ नंबर-51 पर बूथ कैप्चरिंग की कोशिश की भी शिकायत आई। रामसागर के मतदान केंद्र से कांग्रेस के पोलिंग एजेंट अभिनय सिंह कुशवाहा को पुलिस अपने साथ ले गई थी। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
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