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डेली कॉलेज चुनाव अधिकारी का आदेश- 24 अप्रैल को हो चुका संविधान संशोधन, विरोधी जा रहे हाईकोर्ट

डेली कॉलेज चुनाव अधिकारी का आदेश- 24 अप्रैल को हो चुका संविधान संशोधन, विरोधी जा रहे हाईकोर्ट

डेली कॉलेज बोर्ड के चुनाव अब केवल दो कैटेगरी ओल्ड डोनर यानी फाउंडर मेंबर (दो सदस्य) और न्यू डोनर (एक सदस्य) के लिए ही होंगे।

मुख्य चुनाव अधिकारी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुशील गुप्ता ने 21 पेज का लंबा आदेश 27 अप्रैल सोमवार देर रात जारी कर दिया है।

इसमें उन्हें मिली सैंकड़ों आपत्तियों का जवाब दिया गया है।

खास बात यही है कि ओडीए (ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन- पूर्व छात्र) के चुनाव नहीं होंगे। वहीं नए संविधान के तहत प्राथमिकता से प्रेसिडेंट और सचिव ही बोर्ड में जाएंगे और एक प्रतिष्ठित पूर्व छात्र को भी बोर्ड में लिया जाएगा।

इतनी मिली आपत्तियां

इसमें सबसे ज्यादा आपत्तियां 552 संविधान संशोधन और चुनाव प्रक्रिया (Daly College Indore) को लेकर मिली हैं।आपत्तियां यह थीं कि चुनाव शेड्यूल 21 अप्रैल को जारी हो चुका था, ऐसे में नया संविधान लागू नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, चुनाव के लिए 90 दिन मिलने चाहिए थे, लेकिन सिर्फ 30 दिन दिए गए हैं।

अधिकारी को मिली 552 आपत्तियां में अधिकांश ने संविधान संशोधन को मंजूर भी किया। ओडीए के ही कई सदस्यों ने लिखा कि एसोसिएशन में अलग से चुनाव नहीं होना चाहिए।

चुनाव अधिकारी के मुख्य जवाब

  • चुनाव अधिकारी ने संविधान को लेकर कहा है कि नया संविधान संशोधन मंजूर होने की जानकारी उन्हें सचिव यानी डेली कॉलेज प्रिंसीपल से मिली है। इसमें बताया गया कि 24 अप्रैल को फर्म एंड सोसायटी ने नया संविधान मंजूर कर दिया है। ऐसे में अब पुराने संविधान से चुनाव नहीं करा जा सकते हैं। फर्म एंड सोसायटी एक्ट के तहत नया संविधान अब लागू हो चुका है।

  • चुनाव शेड्यूल भले ही संविधान लागू होने के पहले 21 अप्रैल को जारी हुआ लेकिन चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी और ना ही फाइनल वोटर लिस्ट जारी हुई थी। चुनाव अधिकारी इस चुनाव के लिए 31 मार्च को ही नियुक्त हो चुके थे। बोर्ड द्वारा नया संविधान भी 27 जनवरी को मंजूर किया जा चुका था। ऐसे में सभी प्रक्रिया सही तरीके से की जा रही है।

  • चुनाव अधिकारी ने यह भी कहा कि डेली कॉलेज इंदौर बोर्ड का समय 12 जून तक ही है, ऐसे में 90 दिन देकर चुनाव कराना संभव नहीं है। नए संविधान में 30 दिन की समयसीमा भी मंजूर है। ऐसे में चुनाव शेड्यूल सही है।

संदीप पारिख, जैन की सदस्यता नहीं जाएगी

वहीं, 152 आपत्तियां इस बात पर उठीं कि एफआईआर के कारण संदीप पारिख, अनुराग जैन, रंजीत नामली और मानवीर बैस की सदस्यता ओडीए से रद्द की जाए। ये आपत्तियां एफआईआर के आधार पर उठाई गई थीं।

वहीं चुनाव अधिकारी ने इन मांगों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला संविधान से जुड़ा है और इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में चुनाव अधिकारी सदस्यता पर कोई फैसला नहीं ले सकते।

अब हाईकोर्ट जाएगी लड़ाई

उधर विरोधी गुट ने इस मामले में हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। पूर्व में ही कुछ याचिकाएं लगी हैं। इसके साथ ही चुनाव पर रोक को लेकर भी याचिका लगाने की तैयारी हो चुकी है। इसी सप्ताह यह याचिका दायर की जाएगी।

उधर ओडीए ने पहले ही 19 मई को ईओजीएम (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग) बुलाई हुई है। इसमें नए संविधान की मंजूरी और ओडीए से निर्वाचन की जगह चयन के बदलाव को लेकर फैसला लिया जाएगा। इस ईओजीएम पर भी सभी की नजरें रहेंगी। यानी अभी डेली कॉलेज बोर्ड (Indore News) की चुनावी लड़ाई (डेली कॉलेज विवाद) जारी रहेगी।

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